हरियाणा : जली हुई बोलेरो में दो शव मिलने से हड़कंप, परिवार का बजरंग दल पर हत्या का आरोप, ओवैसी बोले- जुनैद और नासिर को संगठित गिरोह ने मारा

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Edited By Amrit Vichar
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भिवानी। भरतपुर (राजस्थान) से 2 लोगों के अपहरण के बाद गुरुवार को भिवानी (हरियाणा) में उनकी जली हुई बोलेरो कार और उसमें 2 कंकाल मिले। 25-वर्षीय नासिर और 35-वर्षीय जुनैद के परिजनों ने बुधवार को बजरंग दल के लोगों पर अपहरण का केस दर्ज कराया था। बकौल पुलिस, डीएनए से पता चलेगा कि शव उनके हैं या नहीं। इस बीच मृतकों के परिवार ने बजरंग दल पर हत्या का आरोप लगा दिया है।

भिवानी में एक गाड़ी से बरामद 2 जले हुए शवों पर  AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, जुनैद और नासिर को एक संगठित गिरोह ने मारा। हरियाणा की भाजपा सरकार इस घटना की ज़िम्मेदार है क्योंकि वे इस संगठित गिरोह को संरक्षण देते हैं। 

कथित तौर पर भरतपुर के 2 युवकों के जले हुए शव भिवानी में मिलने की घटना पर राजस्थान मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस और सरकार कार्रवाई करने में लगी हुई है। हमारी नीयत साफ है, राजस्थान सुरक्षित रहना चाहिए और अपराध मुक्त रहना चाहिए।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा ने कहा, ये एक गंभीर मामला है। ऐसा लगता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ठप हो गई है। मामले की उचित जांच होनी चाहिए। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

भरतपुर में पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राजस्थान सरकार में मंत्री जाहिदा खान ने कहा, प्रशासन की तरफ से 15 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मैं अपनी तरफ से दूंगी। बच्चों की 12वीं तक की पढ़ाई हम कराएंगे। एक अभियुक्त को गिरफ़्तार किया जा चुका है।

राजस्थान CM अशोक गहलोत ने कहा, भरतपुर के घाटमीका निवासी दो लोगों की हरियाणा में हत्या निंदनीय है। राजस्थान एवं हरियाणा पुलिस समन्वय बनाकर कार्रवाई कर रही हैं। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है एवं शेष आरोपियों की तलाश जारी है। राजस्थान पुलिस को सख्त कार्रवाई हेतु निर्देशित किया है। 

हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू में आज सुबह 8 बजे एक जली हुई बोलेरो में 2 कंकाल मिले। FSL व अन्य टीमें मौके पर पहुंचीं। आशंका यह है कि उन दोनों पीड़ित की मौत या तो गाड़ी में आग लगने के कारण हुई हो या फिर जलाकर मारा हो। मामले में जांच की जा रही है। ये जानकारी जगत सिंह मोर (DSP लोहारू, हरियाणा) ने दी। उन्होंने कहा, हमने धारा-174 के तहत कार्रवाई करके पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया। गाड़ी भी राजस्थान पुलिस ने अपने कब्जे़ में ले लिया है। घटना में कितने लोग शामिल हैं, ये जांच का विषय है, इस बारे में राजस्थान पुलिस ही बता पाएगी।

गौरव श्रीवास्तव (IG, भरतपुर रेंज) उन्होंने बताया कि वही बोलेरो कार हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू में जली हालत में मिली। दो अज्ञात शव भी मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद ही उनकी पहचान हो पाएगी। पीड़ित परिवार द्वारा दर्ज प्राथमिकी में नामजद लोगों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया। सभी संदिग्ध हरियाणा के हैं। अगवा किए गए लोग जुनैद और नासिर थे। जुनैद के खिलाफ गौ तस्करी से जुड़े पांच मामले दर्ज हैं।

IG भरतपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव ने बताया, पीड़ित परिवार ने 5 संदिग्धों के नाम FIR में दिए। लापता युवकों में से एक पर गऊ तस्करी के कुछ मुकदमें दर्ज़ हैं। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि FIR में जिन लोगों के नाम हैं उन्होंने इस शक के आधार पर इनका अपहरण किया, इनके साथ मारपीट की और शवों को भिवानी में डिस्पोज किया। पोस्टमार्टम के बाद शवों की पहचान हो पाएगी। जांच जारी है। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनका सत्यापन किया जा रहा है कि उनकी क्या भूमिका है।

हरियाणा में दो मुस्लिम युवकों को जिंदा जलाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। परिवार का आरोप है के पुलिस ने जुनैद और नासिर की बोलेरो को टक्कर मारकर पकड़ा था। इसके बाद अधमरी हालत में उन्हें बजरंग दल के लोगों को सौंप दिया। इन्होंने गोतस्करी के शक में दोनों को बोलेरो समेत जिंदा जला दिया। भिवानी के लोहारू गांव के नजदीक बुधवार को इनकी बॉडी मिली।

परिवार का दावा है कि घटना के वक्त फिरोजपुर-झिरका की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) की टीम मौजूद थी। दोनों को पहले बुरी तरह पीटा गया। इसके बाद ये लोग जुनैद और नासिर को पुलिस स्टेशन ले गए, लेकिन पुलिस ने हालत देखकर हिरासत में लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद बोलेरो समेत जिंदा जलने की खबर आई।

उधर, पुलिस ने परिवार के आरोपों को झूठा बताया है। फिरोजपुर झिरका के CIA इंचार्ज वीरेंद्र सिंह का कहना है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। ना तो उन्होंने किसी आरोपी को पकड़ा और न ही बजरंग दल के लोगों को सौंपा। उनकी गाड़ी, स्टाफ और वह खुद उस दिन थाने में थे। उन्हें नहीं पता कि परिजन ऐसे आरोप क्यों लगा रहे है।

मृतक जुनैद (35) और नासिर (28) दोनों राजस्थान के जिला भरपुर के गांव घाटमीका के रहने वाले थे। ये गांव हरियाणा बॉर्डर के नजदीक है। जुनैद के चचेरे भाई इस्माइल ने बुधवार को गोपालगढ़ थाना (भरतपुर) में दोनों के अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज कराया है। भिवानी और राजस्थान के भरतपुर जिला की पुलिस दोनों ही जांच में जुटी हैं। दोनों के कंकाल के सैंपल लिए गए है। DNA जांच कराई जा रही है।

मृतक जुनैद के चचेरे भाई इस्माइल ने बताया, 'जुनैद और नासिर मंगलवार को भोरूबास सिकरी गांव गए थे। यहां उनके भाई की ससुराल है। रात में वही रुक गए थे। बुधवार सुबह घर आ रहे थे। रास्ते में दोनों को CIA की टीम और बजरंग दल वालों ने रोका। इनका नाम पूछा। इसके बाद दोनों को गाड़ी से खींचकर बाहर निकालने की कोशिश की गई। इस्माइल ने बताया कि बजरंग दल वालों की वजह से इलाके में पहले ही दहशत फैली हुई है। इससे पहले नूंह में बजरंग दल वालों की कथित पिटाई से वारिस की मौत हो चुकी है। नासिर-जुनैद ने जैसे ही देखा कि उन्हें ये खींच रहे है, तो उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए अपनी गाड़ी बोलेरो को भगा दिया।

परिजनों का कहना है, जुनैद-नासिर को बोलेरो में जान बचाकर भागते देख फिरोजपुर-झिरका CIA ने गाड़ी को आगे से टक्कर मारी और पीछे से बजरंग दल वालों ने टक्कर मारी। उन्होंने कहा कि पुलिस इस हत्याकांड में बराबर शरीक है। ग्रामीण इसके सबूत दे रहे है। हमारे पास गवाह है। बिरूका चौतरी के रास्ते में दोनों को गाड़ी में डालकर फिरोजपुर-झिरका थाना में लेकर पहुंचे। जहां पर बजरंग दल वालों ने दोनों को पुलिस को सौंपने की कोशिश की, लेकिन दोनों की हालत इस कदर खराब कर दी थी कि पुलिस ने दोनों को रखने से मना कर दिया।'

परिवार का कहना है कि पुलिस के हिरासत में लेने से इनकार करने के बाद बजरंग दल के नेता मोनू मानेसर, रिंकू सैनी के अलावा 7 से 8 अन्य लोग हमारे दोनों भाईयों को भिवानी ले गए। वहां उन्हें पिछली सीट पर बैठाकर जिंदा जलाकर मार डाला। हमें सोशल मीडिया पर चली खबर के बाद दोनों की मौत का पता चला। गाड़ी के इंजन और चेचिस नंबर से पता चला कि ये हमारी गाड़ी है। मरने वाले हमारे दोनों भाई हैं।

आरोपी मोहित उर्फ मोनू मानेसर अंडरग्राउंड हो गया है। यह हरियाणा में गुरुग्राम जिले के मानेसर का रहने वाला है। बजरंग दल में गौरक्षा प्रमुख है। उसने वीडियो मैसेज में कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे निराधार हैं। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। सोनू ने वॉट्सऐप स्टेटस में भी लिखा है कि इस घटना से उनका कोई संबंध नहीं है। उसे जबरन फंसाया जा रहा है। सोनू का कहना है कि घटना के वक्त वह एक होटल में था।

इससे पहले 29 जनवरी को ही तावडू इलाके में वारिस नाम के एक शख्स की मौत हुई थी। उसकी गाड़ी एक टैंपो से टकरा गई थी, जिसमें वारिस की मौत हो गई थी। परिजनों ने मोनू मानेसर और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया था। हालांकि, बाद में CCTV फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे मामले में सफाई दी थी। वारिस की मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कथित गौरक्षक वारिस और उसके साथियों से धमकी भरे लहजे में उनका नाम पूछते हुए दिखाई दे रहे थे और कुछ घंटे बाद ही वारिस की मौत हो गई थी।

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