Kanpur में 420 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के सहारे 200 चौराहे, 10 वर्षों में चौराहों की संख्या बढ़ी, ट्रैफिक स्टाफ उतने ही
कानपुर में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की संख्या नहीं बढ़ रहीं।
कानपुर में 420 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के सहारे ही 200 चौराहे है। वहीं, 10 वर्षों में चौराहों की संख्या तो बढ़ी, लेकिन ट्रैफिक स्टाफ उतना ही है। यातायात संचालन को 890 होमगार्ड दे दिए गए।
कानपुर, अमृत विचार। पिछले दस वर्षों में शहर में चौराहों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई, लेकिन यातायात को सुचारु तरह से चलाने के लिए यातायात पुलिसकर्मियों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ। व्यवस्था को चलाने के लिए कर्मियों की मांग करने पर होमगार्ड दे दिए गए।
वाहन, चौराहे, कट, जाम प्वाईंट्स, यू-टर्न आदि में पिछले दस वर्षों में काफी इजाफा हुआ है। दोपहिया,चार पहिया,भारी वाहनों के साथ ही ई-रिक्शा आदि भी सड़क पर उतर आए हैं। जिनके सामने यातायात पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम है।
सात लाख से अधिक वाहन
आरटीओ के आंकड़ों के अनुसार शहर में सात लाख से अधिक वाहन रजिस्टर्ड हैं। इसके साथ ही रोजाना लगभग 300 नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन होता है।
200 से अधिक प्वाईंट्स
यातयात अधिकारियों का कहना है कि पहले नरौना चौराहे से बड़े चौराहे के बीच सिर्फ फूलबाग चौराहा ही पड़ता था। अब किला मोड़,मेघदूत तिराहा, भार्गव स्टेट की भी बढ़ोत्तरी हो गई है। इसकी तरह सड़क पर वाहनों का दबाव भी बढ़ गया है। जिसको कंट्रोल करने के लिए अतिरिक्त बल की जरूरत है। ट्रैफिक पुलिस की माने तो शहर में 200 से ज्यादा ट्रैफिक प्वाईंट्स हैं। जिन पर पीक आवर्स में यातायात पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है।
10 वर्ष में नहीं बढ़ी संख्या
10 वर्ष पहले 420 यातायात पुलिसकर्मी थे। जिनके हाथ में पूरे शहर के यातयात को संभालने की कमान थी। इसके बाद अब तक इनकी संख्या में इजाफा नहीं हुआ है। मांग करने पर 890 होमगार्ड दे दिए गए।
- 03 टीआई
- 37 टीएसआई
- 380 यातायात पुलिसकर्मी
मुख्यालय से यातयात पुलिसकर्मियों की मांग की गई है। जिस पर जल्द ही मुहर लगने की उम्मीद है। शहर के यातायात को देखते हुए अधिक बल की काफी जरूरत है।-तेज स्वरूप सिंह, डीसीपी ट्रैफिक
