बरेली: छावनी क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां शुरू, संभावित प्रत्याशी चुनावी रणनीति बनाने में जुटे

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। रक्षा मंत्रालय की ओर से 30 अप्रैल कैंट बोर्ड चुनाव की तारीख घोषित कर दी गई है। कैंट क्षेत्र के सभी 7 वार्डों में चुनाव होंगे। अभी चुनाव में एक माह से ज्यादा का समय बाकी है, लेकिन संभावित प्रत्याशी चुनावी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। इससे पूर्व 2015 में कैंट बोर्ड का चुनाव हुआ था। इस बार करीब 7 साल बाद फिर से चुनावी बिगुल बजा है।

कैंट बोर्ड की पूर्व उपाध्यक्ष रहीं मीता सती ने बताया कि इस बार चुनाव का पूरा माहौल पूरी तरह से अलग होगा। वर्तमान में सभी वार्डों को जोड़कर देखा जाए तो करीब 15 हजार वोटर हैं, जो अपने मत का प्रयोग करेंगे। आमजन को सड़क, पानी, बिजली की सुविधाओं को दिलाने वाला ही लोगों की उम्मीदों पर खरा उतर सकता है।

पूर्व सभासद रहे केएल गेरा कहते हैं कि क्षेत्र के विकास के लिए युवाओं का आगे आना सबसे अहम है। कैंट बोर्ड का चुनाव जातिगत और न ही किसी पार्टी के जनाधार पर आधारित होता है। छावनी परिषद के वोटरों में फौजी और उनके परिवार के सदस्य शामिल होते हैं। बताया कि इससे पूर्व चुनाव में वर्तमान सत्ताधारी पार्टी के सभासद प्रत्याशी की करारी हार हुई थी। अधिकतर सभासद प्रत्याशी निर्दलीय चुनाव लड़े और विजयी हुए।

अकेले वार्ड 6 में ढाई हजार से अधिक वोट
छावनी क्षेत्र में वर्तमान में 15 हजार वोटर हैं, जबकि अकेले सिर्फ वार्ड छह में ही ढ़ाई हजार से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं, जबकि 2015 के चुनाव में यहां 33 सौ मतदाता पंजीकृत थे। अवैध रूप से जो लोग यहां रह रहे थे। अधिकारियों के संज्ञान में आने पर भौतिक सत्यापन कर अमान्य पाए जाने वालों के वोट निरस्त कर दिए गए। इस वजह से भी वोटरों की संख्या कम हुई है।

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