Kanpur News : Video Viral होने पर पद से हटायी गईं प्रांत संयोजिका का अनशन, VHP कार्यालय में बिगड़ी तबियत
कानपुर में प्रांत संयोजिका अनशन पर बैठी।
कानपुर में वीडियो वायरल होने पर पद से प्रांत संयोजिका हटाई गई। विहिप कार्यालय में अनशन पर बैठी महिला नेता की तबियत बिगड़ गई। एक प्रांतीय अध्यक्ष पर तानाशाही का आरोप लगाया।
कानपुर, अमृत विचार। दुर्गा वाहिनी की कानपुर प्रांत संयोजिका का वीडियो वायरल होने पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पदाधिकारियों ने महिला को संगठन से हटा दिया। विरोध में संयोजिका रूबी द्विवेदी विहिप कार्यालय गोविंदनगर में अनशन पर बैठ गयीं। महिला ने वॉयरल वीडियो को नकारते हुए संगठन के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ तानाशाही रवैया अपनाने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ साजिश की गई। संगठन में झूठी शिकायत करके मुझे पद से हटाया गया है। इसके चलते वह भूख हड़ताल पर बैठी हैं। जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा वह भूख हड़ताल पर बैठी रहेंगी। संगठन को उनका भी पक्ष सुनना चाहिए। अमृत विचार से बातचीत में उन्होंने दो पदाधिकारियों के नाम लिए जिनसे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। अनशन पर महिला नेता की समर्थक भी हैं। इस बीच अपरान्ह अनशनकारी महिला नेता बेहोश भी हो गयीं थी। उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गयी।
जानकारी के मुताबिक दुर्गावाहिनी की प्रांत संयोजिका रूबी द्विवेदी को बीते दिनों पद से हटा दिया गया था। उन्होंने जब पदाधिकारियों से पूछा तो उन्हें बताया गया कि उनका एक वीडियो संगठन को मिला था। रूबी का कहना है कि यह संगठन के भीतर का मसला है। उनके संरक्षक हल करेंगे। यह पूछने पर कि पुलिस कहती है कि यदि तहरीर दी गयी तो एफआईआर दर्ज की जाएगी। उनका अगला कदम क्या होगा, प्रांत संयोजिका का कहना है कि संगठन के भीतर मसला हल न हुआ तो तहरीर भी दे सकती हैं।
इस प्रकरण पर गोविंद नगर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय का कहना है कि थाने को इस मामले में कोई तहरीर नही मिली है। पीड़िता मामले में यदि तहरीर देती है तो उसका कथित वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी का कहना है कि फिलहाल विहिप कार्यालय पर फोर्स लगा दी गयी है।
ये है पूरा मामला
दुर्गा वाहिनी की प्रांत संयोजिका बताते हुए विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री व प्रांत मंत्री पर आरोप लगाते हुए बताया कि वह 14 सालों में संगठन में रहते हुए दिए गए सभी दायित्व का अच्छे तरह से निर्वहन कर रही थी, उन्होंने बताया कि 2 साल पहले ही उनको कानपुर की दुर्गा वाहिनी संगठन में प्रांत संयोजिका का दायित्व सौंपा गया था। लेकिन विहिप संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने 14 फरवरी को उनको संगठन से हटा दिया। 15 फरवरी को कारण पूछने विहिप कार्यालय पहुँची तो एक अश्लील वीडियो दिखाते हुए उसमें उनका होना बताया। जिसके कारण उनको पद से हटाने की बात कही गई।
प्रान्त संयोजिका ने वायरल वीडियो में खुद के न होने की पुष्टि करते हुए अपने खिलाफ एक षड्यंत्र बताया। वहीं मामले को संज्ञान में लेते हुए विहिप के प्रांत प्रचार-प्रसार प्रमुख ओमेंद्र अवस्थी ने बताया कि उन्होंने प्रांत मंत्री राजू पोरवाल से मामले की जानकारी ली। जानकारी में उन्हें पता चला कि महिला ने खुद ही फेसबुक के माध्यम से अपने पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा कि संगठन का नियम है कि कोई भी पदाधिकारी यदि किसी सार्वजनिक मंच से अपने पद के इस्तीफे की घोषणा करता है तो संगठन उसे स्वीकार कर लेता है। इसी कारण से महिला को पद से हटाया गया है। उनके द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप व्यक्तिगत हैं, इससे संगठन का कोई भी वास्ता नही है।
