बरेली: कोरोना संक्रमित का शव दफनाने को लेकर हंगामा
बरेली, अमृत विचार। शहर के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुर्खा बानखाना में कोरोना संक्रमित के शव को दफनाने को लेकर बुधवार को हंगामा हो गया। कब्रिस्तान में शव लेकर पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के वाहन को लोगों ने रोक दिया। वे आबादी के बीच कब्रिस्तान में संक्रमित का शव दफनाने पर आपत्ति जता रहे थे। मृतक …
बरेली, अमृत विचार। शहर के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुर्खा बानखाना में कोरोना संक्रमित के शव को दफनाने को लेकर बुधवार को हंगामा हो गया। कब्रिस्तान में शव लेकर पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के वाहन को लोगों ने रोक दिया। वे आबादी के बीच कब्रिस्तान में संक्रमित का शव दफनाने पर आपत्ति जता रहे थे। मृतक के बेटे का यह भी आरोप है कि लोगों ने गाड़ी को रोकने के लिए पथराव किया। मृतक के बेटे ने थाना प्रेमनगर में आरोपियों के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मौलानगर निवासी वाजिद खां कोरोना संक्रमित थे। उनका इलाज एक अस्पताल में चल रहा था। 11 अगस्त की रात वाजिद की मौत हो गई। बुधवार को वाजिद खां के बेटे मोहम्मद आबिद खां आठ अन्य लोग शव को दफनाने के लिए वाहन से सुर्खा बानखाना के कब्रिस्तान पहुंचे। आबिद का आरोप है कि जैसे ही वाहन सुखा कब्रिस्तान के पास पहुंचा। वैसे ही लोगों ने घरों से पथराव कर दिया। गालीगलौच करते हुए शव वाहन रोकने की कोशिश। जब वे लोग वीडियो बनाने लगे, तब आरोपियों के तेवर कुछ नरम पड़े हालांकि इसके बाद भी वे लोग गालीगलौच करते रहे। आबिद ने बताया कि इसके बाद उसने यूपी 112 पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद शव को बमुश्किल दफनाया जा सका। पीड़ित ने थाना प्रेमनगर पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है।
लोगों को सता रहा कोरोना का भय
कोविड-19 का खौफ लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। यही वजह है कि वाजिद का शव जैसे ही सुर्खा बानखाना में कब्रिस्तान के पास पहुंचा, वैसे ही आसपास घरों में रहने वाले लोग विरोध पर उतर आए। हंगामा करने वाले चाहते थे कि संक्रमित के शव को कहीं और दफनाया जाए। आबादी के बीच कब्रिस्तान में शव दफनाने से उनको संक्रमण का डर सताने लगा था। मृतक के बेटे ने बताया कि हंगामा करने वाले लोग शव को किसी कीमत पर दफनाने नहीं देना चाह रहे थे। लोगों ने वाहन के सामने पथराव कर दिया। इससे करीब आधा घंटे तक शव दफनाने की प्रक्रिया रुकी रही।
वीडियो वायरल किया
पथराव का आरोप लगा रहे लोगों ने मौके का वीडियो भी बनाया है। उस वीडियो में एक व्यक्ति बोल रहा है। जबकि सीन दूर से लिया गया है। इससे उसमे पत्थर चलते नजर नहीं आ रहे हैं। एक बार कुछ शोर की आवाज जरूर सुनाई दी। पुलिस भी पथराव से इनकार कर रही है। जबकि मृतक के बेटे आबिद का कहना है कि लोगों ने पथराव किया है।
“पथराव जैसा कुछ नहीं हुआ। लोगों में यह जानने की उत्सुकता थी कि कोरोना संक्रमित का शव कैसे दफनाया जाता है, इसी कारण लोग छतों पर चढ़ गए। जिस इंसान ने वीडियो बनाया है, उसमें उसकी ही आवाज सुनाई दे रही है। वीडियो में कहीं भी एक पत्थर चलता नहीं मालूम पड़ रहा है फिर भी मामले की जांच करेंगे।” -बलवीर सिंह, इंस्पेक्टर, प्रेमनगर
