Mahoba Accident : दादा-नाती की शव यात्रा देख लोगों के छलक आंसू, ट्रक की टक्कर से दोनों की हुई थी दर्दनाक मौत

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Edited By Amrit Vichar
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महोबा में दादा-नाती का हादसे में दर्दनाक मौत हुई थी।

कानपुर-सागर हाईवे पर महोबा में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। एक साथ दादा नाती की शव यात्रा देख लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।

महोबा, अमृत विचार। कानपुर सागर हाईवे में हुई बाबा और नाती की मौत के बाद मुहल्ले में माहौल गमगीन बना हुआ है। एक साथ उठी दो शव यात्रा को देखकर लोगों की आंखे नम हो गई। कोई अपने पिता तो कोई बेटे के गम में पछाड़े खाता दिखाई दिया। मृतकों के घर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई।

पोस्टमार्टम होने के बाद दादा के शव को कल्याण सागर शमशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया, जबकि नाती कार्तिक को कल्याण सागर सरोवर के पास दफनाया गया है। अंतिम संस्कार में लोगों की भारी भीड़ जुटी। बाबा और नाती का अटूट प्यार दोनो की मौत के साथ ही खत्म हो गया। 

शहर के हमीरपुर चुंगी निवासी उदित्यनारायण चंसौरिया अपने नए मकान में सात माह पहले शिफ्ट हुए थे, जबकि उनका पुराना मकान शहर के बीचो बीच नैकानापुरा में बना हुआ है, लेकिन नया मकान उन्हें रास नहीं आया और चंद माह में ही उनको परिवार से जुटा कर गया। बाबा अपने छोटे नाती कार्तिक को बेहद प्रेम करते थे।

घर से कहीं पर जाते समय स्कूटी में छोटे नाती कार्तिक को भी लेकर जाते थे, लेकिन ट्रक हादसे में बाबा और नाती एक साथ दुनिया से रुख्सत हो गए। मृतक के मुहल्ले में मातम छाया हुआ है और लोग सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। उदित्यनारायण लगभग सात साल पहले अध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए थे, अब वह घर पर रहकर ही नाती और बच्चों के साथ वक्त गुजारते थे।

सेवानिवृत्त अध्यापक शनिवार को शाम साढ़े पांच बजे जैसे ही घर से निकलकर स्कूटी से हाईवे में पहुंच तभी तेज रफ्तार ट्रक चालक ने उन्हें रोंद दिया और स्कूटी और नाती ट्रक में फंस कर खरीटते हुए दौ मीटर तक चला गया, जिससे नाती की भी दर्दनाक मौत हो गई। घटना से नागरिकों में खासा आक्रोश है।

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