बरेली: 150 रुपये में करा सकेंगे खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच
रुहेलखंड लेबोरेटरी एंड रिसर्च सेंटर का बीएल एग्रो की डायरेक्टर रागिनी खंडेलवाल ने किया उद्घाटन
बरेली, अमृत विचार। डिब्बा बंद खाना कितना शुद्ध है। इसके परीक्षण की कोई व्यवस्था अभी तक नहीं थी। लेकिन अब बरेली में खाद्य पदार्थों में मिलावट, उसकी शुद्धता और पानी के भी शुद्ध होने की जांच रुहेलखंड लेबोरेटरी एंड रिसर्च सेंटर में हो सकेगी। बीएल एग्रो की डायरेक्टर रागिनी खंडेलवाल ने सोमवार को फीता काटकर इसका उद्घाटन किया।
अत्याधुनिक लैब के उद्घाटन के बाद लैब की हेड डा. प्राची श्रीवास्तव ने बताया कि बीएल एग्रो अपने उत्पाद की बेहतर गुणवत्ता में समझौता नहीं करते है। परसाखेड़ा में इसके लिए एक लैब संचालित है। अब सीबीगंज में एक और लैब का उद्घाटन हुआ है। बताया लैब में खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच 8 से 10 मानकों पर की जा सकेगी।
पांच मानकों पर शुद्धता की जांच 2500 रुपये में हो सकेगी। जबकि मिलावट की 150 रुपये में 24 घंटे में परिणाम सहित मिल सकेगी। बताया कि साफ दिखने वाला पानी भी अशुद्ध हो सकता है। बायोलॉजिकल टेस्टिंग से इसकी भी जांच इस लैब में हो सकेगी। यहां आम आदमी भी सैंपल लेकर किसी भी खाद्य, वस्तु, तेल, पानी की जांच करा सकता है।
बीएल एग्रो के चेयरमैन घनश्याम खंडेलवाल ने बताया कि खेत से रसोई तक हर चीज शुद्ध रहे। इस परिकल्पना को साकार करते हुए लैब की स्थापना की है। जनता को शुद्ध खाद्य वस्तु मिले इसलिए प्रयोगशाला में कई मानकों पर जांच के बाद उनका प्रोडक्ट बाहर आता है। इस दौरान कंपनी की निदेशक स्वाति खंडेलवाल, एएन सिंह, आरएमए अध्यक्ष डा. मुनीश शर्मा, इंस्टीट्यूशन आफ इंजीनियर्स के बरेली चैप्टर के अध्यक्ष राज गोयल भी मौजूद रहे।
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