अयोध्या: राम मंदिर की दीवारों पर दिखेगी रामायण की झलक, दो मूर्तिकला विशेषज्ञों ने प्रस्तुत किया मॉडल
अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर निर्माण के साथ परिसर में आठ सौ मीटर की परिधि में बनने वाले परकोटे का निर्माण कार्य तेजी किया जा रहा है। परिसर में बनने वाले परकोटे में रामायण के प्रसंगों पर आधारित 125 झांकियां लोगों को त्रेतायुग में होने की अनुभूति कराएंगी। जिसकी कवायद अब शुरू की जा चुकी है।
भगवान रामलला के जीवन पर आधारित झांकियों के लिए दो मूर्तिकला के विशेषज्ञों ने मिट्टी की मूर्ति से मॉडल तैयार कर अपनी-अपनी प्रस्तुति भी दी है। जिसमें एक थ्रीडी महाराष्ट्र व दूसरा गुड़गांव का है। हालांकि इस पर श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। बता दें कि जन्मभूमि परिसर में बनाए जा रहे परकोटे में भगवान शंकर, हनुमान, गणेश, अन्नपूर्णा देवी सहित 6 मंदिर बनाए जाएंगे।
थ्रीडी मॉडल को लेकर महाराष्ट्र से अयोध्या आए मूर्तिकार प्रमोद कामले ने कहा कि राम मंदिर के परिक्रमा दार बन रहे परकोटे में रामायण प्रसंगों पर आधारित जो मूर्तियां लगनी है, उसका एक मॉडल हमें तैयार करने के लिए दिया गया था, उसे तैयार करके यहां ले आया हूं। आगे ट्रस्ट की ओर से जो भी सूचना दी जाएगी, उसके बाद ही आगे काम काम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मूर्तियों को किस प्रकार, किस प्रसंग पर तैयार किया जाना है, उनके चित्र हमें प्राप्त होंगे, उसी प्रसंग पर मूर्ति तैयार करेंगे। उन्होंने बताया कि आगे राम मंदिर के परिक्रमा दार बन रहे परकोटे पर जो मूर्ति लगनी है। उसका एक मॉडल हमें करने के लिए दिया था उसे तैयार कर यहां पर ले कर आया हूं। आगे जैसे ही सूचना मिलेगी यह किस प्रकार से मूर्तियों को किस प्रकार प्रसंग से तैयार की जानी है और उनके जो चित्र हमें प्राप्त होंगे उसी प्रसंग पर मूर्ति को तैयार करेंगे।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि परकोटे में रामायण प्रसंगों पर आधारित झांकियां बनाई जानी हैं, जिसमें प्रसंगों पर आधारित मूर्तियां लगाई जाएंगी। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
रामसेवकपुर में रखे पत्थरों का शुरू हुआ परीक्षण
राम मंदिर में विराजमान होने वाले भगवान रामलला के दिव्य स्वरुप के तैयार करने के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब अधिक देर नहीं करना चाह रहा है। जानकारी के मुताबिक ट्रस्ट देश के नामचीन मूर्तिकारों की बैठक 18 मार्च को करने जा रही है, इसके बाद ही रामलला की मूर्ति के स्वरुप पर मुहर लगाए जाने के बाद ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सोमवार को राजस्थान के मूर्तिकार विष्णु ने रामसेवकपुरम रखे अलग-अलग पत्थरों के सैम्पलिंग लिया। इस दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को पत्थरों में होने वाले व्यवहार की जानकारी दी गई। फिलहाल ट्रस्ट की माने तो पत्थरों के गुणवत्ता की जांच की जा रही है। जल्द ही मूर्तिकारों की बैठक तय हो जाएगा कि किन पत्थरों से मूर्ति का निर्माण किया जाएगा। भगवान श्री रामलला की अचल मूर्ति के लिए नेपाल के गंडक नदी से 2 शालिग्राम देवशिला, मैसूर से ग्रे कलर की 2 शिला और राजस्थान से कुर्ट्ज पत्थर की 3 शिला रामसेवकपुरम आ चुकी है।
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