जनजातीय लोगों की कल्याणकारी योजनाओं का पोर्टल लांच

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज के सशक्तीकरण के लिए आरंभ की गयी कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी देने और निगरानी के लिए एक पोर्टल ‘जनजातीय लोगों का सशक्तीकरण, भारत में बड़ा बदलाव’ लॉन्च किया है जिसमें सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय के कार्यक्रमों के अद्यतन और वास्तविक …

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज के सशक्तीकरण के लिए आरंभ की गयी कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी देने और निगरानी के लिए एक पोर्टल ‘जनजातीय लोगों का सशक्तीकरण, भारत में बड़ा बदलाव’ लॉन्च किया है जिसमें सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय के कार्यक्रमों के अद्यतन और वास्तविक विवरण प्रदर्शित किये गये हैं।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने गुरुवार को यहां बताया कि नीति आयोग के मुख्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत और नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने रविवार को इस पोर्टल-डैशबोर्ड का उद्घाटन किया। इस पोर्टल पर योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के क्रियान्वयन का एक प्रभावी मंच है। इस पर जनजातीय मंत्रालय की पांच छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रदर्शन की जानकारी मिलेगी।

मंत्रालय से अनुसूचित जनजाति के लगभग 30 लाख लाभार्थियों को प्रति वर्ष 2500 करोड़ रुपये का लाभ प्राप्त होता है। मंत्रालय को हाल ही में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के तहत ‘आईटी सक्षम’ छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से जनजातीय लोगों के सशक्तीकरण के लिए 66वां स्कोच स्वर्ण पुरस्कार मिला है।

डीबीटी से जनजातीय छात्रों के लिए मंत्रालय की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता जवाबदेही और व्यापक सुधार आया है। पोर्टल विभिन्न राज्यों से जनजातीय छात्रों के विवरण प्रदर्शित करता है। इस पर एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) योजना के तहत कार्यरत स्कूलों, निर्माणाधीन स्कूलों और विभिन्न ईएमआरएस स्कूलों में छात्रों के जिलेवार विवरण दिया गया है।

जनजातीय मंत्रालय शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को भी धन उपलब्ध कराता है। पोर्टल पर जिलेवार एनजीओ के विवरण, इन्हें दिए गए धन और लाभार्थियों का विवरण दिया गया है। सभी योजनाओं और पहलों के संबंध में जिला स्तर तक की जानकारी संकलित की गई है। पोस्ट मैट्रिक और प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के संबंध में सभी जानकारी साझा की गयी हैं।

जनजातीय कार्य मंत्रालय अनुसूची जनजाति घटक पर भी नज़र रखता है, जिनमें 41 मंत्रालयों ने अनुसूचित जाति के कल्याण एवं विकास के लिए अपने बजट का एक निश्चित प्रतिशत खर्च किया है। वर्ष 2019-20 में 275 से अधिक योजनाओं में 41 मंत्रालयों को 51,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था।

इन सभी मंत्रालयों का प्रदर्शन पोर्टल पर उपलब्ध है। मंत्रालय की विभिन्न ई-पहलों के लिंक भी पोर्टल पर दिए गए हैं। यह पोर्टल डिजिटल इंडिया पहल का हिस्सा है, जो जनजातीय लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में काम करेगा और प्रणाली में पारदर्शिता लाएगा।

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