मथुरा: किसानों की आमदनी दोगुनी करने पशुधन बढ़ाना आवश्यक- आनंदीबेन पटेल
मथुरा, अमृत विचार। पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्व विद्यालय का आज 12वां दीक्षांत समारोह मनाया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल शामिल हुईं। वही विशिष्ट अतिथि के रूप में पशुधन धन विभाग के अध्यक्ष शामिल हुए। जहां पर इस दीक्षांत समारोह के दौरान 131 छात्र छात्राओं को राज्यपाल द्वारा उपाधियां और डिग्री वितरण की गई।
साथ ही यहां पर आंगनवाड़ी केंद्र में पड़ने वाले वाडपुरा के 31 बच्चों को उनकी अच्छी शिक्षा के लिए पाठ्य सामग्री भी वितरण की गई और आंगनवाड़ी केंद्रों को संचालित करने वाली दस महिलाओं को भी बच्चो के खेलने के साथ पढ़ाई के लिए पाठ्य किट उपलब्ध कराई गई। जिसके साथ ही विवि के बीसी द्वारा सभी अतिथियों को तुलसी का पौधा भेंट किया गया।
इस मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के हाथों से छात्राओं को गोल्ड मैडल और सर्टिफिकेट भी वितरित किए गए तो वहीं राज्यपाल ने सभी छात्र छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ब्रजवासियों को होली की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा की आज पशुधन को और बढ़ाने की जरूरत है क्यों की पशुपालन के साथ इसमें किसानों के आमदनी दोगुनी करने की बड़ी संभावना है और जिन्होंने भी आज उपाधि और डिग्री प्राप्त की है वो सभी आगे जाकर देश और समाज के हित में ऐसा काम करें कि देश का नाम रोशन हो।
आगे कहा कि आज हमारे सामने जानकारी आई है कि मथुरा के दो विश्व विद्यालय ने सौ सौ आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेने का काम करने की बता कही है, जिससे उन्हें भी आगे दीक्षित होने का मौका मिलेगा ,वहीं उन्होंने इस तरह के अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों और अन्य जगह पर रहने वाले कुपोषित बच्चे के साथ टीवी से पीड़ित बच्चों की देखरेख करने के लिए उन्हें गोद लिया है।
वहीं राजपाल आनंदी बेन पटेल ने पीएम मोदी द्वारा की जाने वाली मन की बात के साथ पशु पालन के लिए किए जा रहे कार्यों पर बोलते हुए कहा कि पीएम मन की बात में सबसे पहले लोकल फॉर वोकल की बात करते हैं और उनके कहने पर खिलौने बनाने का काम देश में शुरू हुआ, जबकि पहले हम विदेशी खिलौने बच्चों को खेलने को खरीदते थे, लेकिन अब हमारे देश में बने खिलौने विदेशों में बिक रहे हैं।
राज्यपाल ने छात्राओं से ये भी कहा कि जब चाहें हम कुछ भी बन जाएं मगर अपनी किचन को बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि अपने हाथों से बना खाना खाने में अलग ही स्वाद आता है और मुझे जब भी मौका मिलता है मैं खुद रसोई में खाना बनाती हूं। आगे कहा कि प्रधान मंत्री ने वर्ष 2023 को मोटे अनाज के लिए मनाने का काम किया, जिसमे किसानों को भी अब मोटा अनाज अधिक पैदा करना चाहिए, जिससे की हमारी शरीर की ताकत भी बढ़ती है और बीमारियों से लड़ने को मजबूती मिलती है। कहा कि जब हम मोटा अनाज खाने में प्रयोग नहीं करते तो फॉर बीपी, शुगर,के साथ और भी कई तरह की बीमारी हमारे शरीर को घेर लेती हैं जबकि पीएम ने आयुष्मान की योजना के तहत पांच लाख तक का इलाज भी फ्री किया है।
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