बरेली: आजादी के दिन पटरी पर दौड़ेगी नबी नगर के लोगों की जिंदगी
बरेली,अमृत विचार। नबीनगर गांव के लोग आजादी के समय से ही एक पुल के निर्माण के लिए तरस रहे थे। जनप्रतिनिधियों से फरियाद के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने खुद ही पुल का निर्माण शुरू करा दिया। अब शनिवार को 15 अगस्त (आजादी) के दिन गांव के लोगों के लिए …
बरेली,अमृत विचार। नबीनगर गांव के लोग आजादी के समय से ही एक पुल के निर्माण के लिए तरस रहे थे। जनप्रतिनिधियों से फरियाद के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने खुद ही पुल का निर्माण शुरू करा दिया। अब शनिवार को 15 अगस्त (आजादी) के दिन गांव के लोगों के लिए ढेर सारी खुशियां लेकर आ रहा है। आज वह आजादी के बाद लोहे के बने पुल से होकर नदी पार करेंगे। इसको लेकर गांव के बच्चे से लेकर बड़ों तक में खुशी का महौल है।

15 अगस्त को आजादी का जश्न मनाया जाता है। इस दिन भारत को 200 साल तक अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी। देश इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की 74वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली थी। यह दिन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। अब इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कैंट के नबीनगर के लोगों को भी नदी के पानी से होकर गुजरने से आजादी मिलने वाली है।
दरसअल आजादी के बाद से नबीनगर गांव के लोग शहर आने के लिए नकटिया नदी का पार करके आ रहे थे। क्षेत्र जनप्रतिनिधियों से कई बार ग्रामीणों ने पुल का निर्माण कराने की मांग की। मगर हर बार उन्हें आश्वासन के अलावा और कुछ नहीं मिला। उसके बाद गांव वालों ने आत्मनिर्भरता दिखाते हुए खुद ही लोहे के पुल का निर्माण शुरू करा दिया। करीब एक सप्ताह की कड़ी मेहनत के बाद गांव के लोगों ने आपस में चंदा करने के बाद लोहे के गाटर पर जाल लगाकर स्थाई पुल बनाकर तैयार कर लिया। अब गांव के लोगों का कहना है कि आजादी के मौके पर 15 अगस्त को झंडा फहराने के बाद वह पुल का आगमन शुरू कर देंगे।
