Banda: माफिया मुख्तार अंसारी का ठेकेदार रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार, अवैध सिम देने से मना करने पर धमकाया था

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Edited By Amrit Vichar
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बांदा में माफिया मुख्तार अंसारी का ठेकेदार रंगदारी मांगने के आरोपी में गिरफ्तार।

बांदा में पुलिस ने माफिया मख्तार अंसारी के ठेकेदार को रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। अवैध सिम देने से मना करने पर पिस्टल के बल पर विक्रेता को धमकाया था।

बांदा, अमृत विचार। दुकानदार पर पिस्टल अड़ाकर रंगदारी के 50 हजार रुपये व अवैध सिम मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में सोमवार दोपहर माफिया मुख्तार अंसारी व उसके विधायक पुत्र अब्बास के हमदर्द और मददगार ठेकेदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से कोई असलहा बरामद नहीं किया है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
 
पुलिस की जांच में पुष्टि हुई थी कि मंडल कारागार में निरुद्ध पूर्वांचल के माफिया मुख्तार व उसके चित्रकूट जेल में रह चुके विधायक पुत्र अब्बास अंसारी शहर के मोहल्ला अलीगंज निवासी पुताई व पानी की टंकी के ठेकेदार रफीकुस्समद चोरी-छिपे मदद करता था। बांदा विकास प्राधिकरण ने होलिका दहन के दिन मंगलवार को उसके निर्माणाधीन अवैध शॉपिंग कॉम्पलेक्स पर बुलडोजर चलवाया था। माफिया के मददगार ठेकेदार रफीकुस्समद के बारे में एसपी अभिनंदन ने बताया था कि छोटी बाजार मोहल्ला निवासी श्यामू गुप्ता ने 6 मार्च को कोतवाली में तहरीर दी, जिसमें उसने बताया कि वह रोडवेज के पास मोबाइल रिचार्ज व सिम बिक्री की दुकान किये है।
 
19 फरवरी को जब वह अपनी दुकान पर था, शाम को रफीकुस्समद अपने एक साथी के साथ वहां आया और बिना आईडी के अवैध सिम की मांग की। मना करने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं पिस्टल दिखाकर 50 हजार रुपये रंगदारी मांगी। कहा कि दस दिन बाद फिर दुकान आऊंगा और यदि सिम न दिया तो तुम्हारी मौत निश्चित है। आरोपी ठेकेदार का माफिया मुख्तार के करीबी होने की खबरें न्यूज पेपर में पढ़ने के बाद दुकानदार बुरी तरह डरा हुआ था।
 
आरोपी ठेकेदार व उसके अज्ञात साथी के खिलाफ कोतवाली में पीड़ित दुकानदार की ओर से तहरीर देने पर रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद से लगातार पुलिस आरोपी ठेकेदार की तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोमवार को बाबूलाल चौराहे के पास से ठेकेदार को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया। कोर्ट ले जाने के पहले उसकी जिला अस्पताल में डॉक्टरी के साथ कोरोना की जांच कराई गई। कोतवाली निरीक्षक श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि बांदा जिले व गैर जनपदों में भी उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। गिरफ्तारी के समय उसके पास से कोई असलहा बरामद नहीं हुआ है।

 

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