सत्ता पक्ष और विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित 

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। कांग्रेस के एक नेता के विदेश में दिए गए बयान को लेकर राज्यसभा में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई जिसके चलते हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

आज भोजन अवकाश के बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की सदन के नेता पीयूष गोयल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि लोकसभा के एक नेता ने विदेश में संसद और देश के अन्य प्रतिष्ठानों के बारे में गंभीर टिप्पणी की है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि इस वक्तव्य के लिए उक्त नेता को देश और सदन से माफी मांगनी चाहिए कांग्रेस सहित विपक्ष के अनेक सदस्यों ने इसका विरोध किया। कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि दूसरे सदन के सदस्य के वक्तव्य को लेकर इस सदन में चर्चा नहीं की जा सकती और उन्होंने इस बारे में विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है।

भारतीय जनता पार्टी के भूपेंद्र यादव ने कहा कि वह नेता सदन के बयान का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि संसद का आशय यह है कि उसमें राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदन होते हैं और इससे पहले भी 1950 के दशक में एक दूसरे सदन के सदस्य द्वारा दिए गए वक्तव्य पर इस सदन में बहस हुई थी।

उन्होंने कहा कि नेता सदन की मांग जायज है और उक्त नेता को देश के बारे में आपत्तिजनक बयान दिए जाने पर माफी मांगी चाहिए। सभापति ने कहा कि यह एक बेहद गंभीर विषय है और उन्होंने इस बारे में सदन के नेता तथा नेता विपक्ष के साथ बातचीत की है। इसके अलावा उन्होंने सदन के कई अन्य वरिष्ठ सदस्यों के साथ भी बात की है और इस मसले पर ठोस व्यवस्था दिया जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इस मसले पर उन्होंने सदन में विभिन्न दलों के नेताओं की आज बैठक बुलाई है। सभापति ने कहा कि इस विषय पर निर्णय लेते समय आज से पहले के सभी उदाहरणों को भी संज्ञान में लिया जाएगा। इसके अलावा इस तरह के मामलों में दुनिया भर में जिस तरह की व्यवस्था दी जाती है उस पर भी ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह बेहद व्यापक मसला है इसलिए इस पर समग्र दृष्टिकोण से सभी के विचारों को समाहित करते हुए निर्णय लिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर या तो आज ही या कल अपनी व्यवस्था दे देंगे। कांग्रेस के सदस्य गोहिल के नोटिस पर सभापति ने कहा कि इसकी विषय वस्तु अच्छी है, लेकिन उसमें तथ्यों की कमी है और उनसे इस बारे में तथ्य मांगे गए हैं।

इस बीच जहां सत्तापक्ष के सदस्य राहुल गांधी माफी मांगे के नारे लगा रहे थे वहीं विपक्षी सदस्य उद्योगपति अडानी की सरकार के साथ सांठगांठ को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। सदन में हंगामा बढ़ता देख धनखड़ ने कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सुबह भी इसी मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ जिसके कारण कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने हंगामे के बीच ही वर्ष 2022-23 के लिए अनुदान मांगों की दूसरी सूची सदन के पटल पर रखी। 

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