बरेली: सांकेतिक रास्ता रोककर किया ईपीएफओ का विरोध, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। रास्ता रोको आन्दोलन को सफल बनाने के लिए आज भारी संख्या में ईपीएफओ का विरोध करते हुए ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क पर जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 

 ईपीएस 95 योजना के अन्तर्गत आने वाले विभिन्न विभागों के सदस्यों के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली के आदेश के क्रम में भरे गए विकल्प फार्मों को ईपीएफओ की सुनियोजित योजना से जानबूझकर तरह-तरह से कमियां दर्शाकर निरस्त करने, सीबीटी बैठकों में हमारे अल्प पेशनरों के पक्ष को कमज़ोर करने, 2014 से पहले के सेवानिवृत्त सदस्यों के विकल्प फार्म भरने की ऑनलाइन बन्द की गई साइट को खोले जाने, आदि के विरूद्ध सांकेतिक रास्ता रोको आन्दोलन किया। 

इस दौरान संगठन ने अपनी चार सूत्रीय मांगों 7500 रु पेंशन के साथ ही मंहगाई भत्ता, पति- पत्नी को निशुल्क चिकित्सा सुविधा, उच्च पेंशन सुविधा, ईपीएस 95 योजना से वंचित सदस्यों को 5000 रू. मासिक गुजारा भत्ता देने की मांगों को लेकर रास्ता रोको आन्दोलन के माध्यम से अपने 70 लाख सदस्यों की भावनाओं से केन्द्र सरकार व ईपीएफओ का ध्यान आकर्षित कराकर उनसे ईपीएफओ के खाते में अपने सदस्यों की मौजूद भरपूर धनराशि से पेंशन बढ़ोत्तरी की संगठन जोरदारी से मांग कर रहा है, जिससे संगठन पेंशन बढ़वाकर ही दम लेगा। 

राष्ट्रीय नेतृत्व के आव्हान पर एनएसी बरेली एवं मुरादाबाद मंडल की टीम के सामूहिक आयोजन में सेटेलाइट बस स्टेशन रोडवेज सांकेतिक रास्ता रोको आन्दोलन कर ईपीएफओ की हठधर्मिता का विरोध किया गया। जिसमें बरेली व मुरादाबाद मंडल की कमेटियों ने अपने ईपीएस 95 के सेवानिवृत्त सदस्यों के साथ रास्ता रोको आन्दोलन किया और सरकार को चेतावनी दी है कि वह आगे इससे बड़ा आंदोलन करेंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। 

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