Nikhat Zareen ने की विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत, जानिए क्या कहा?
नई दिल्ली। भारत की शीर्ष मुक्केबाज निकहत जरीन ने गुरुवार को यहां अजरबैजान की अनाखानिम इस्माइलोवा को आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) के जरिए करारी शिकस्त देकर विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। टूर्नामेंट के शुरू में ही मुकाबला खिताब की प्रबल दावेदार निकहत का था जिन्होंने घरेलू दर्शकों को निराश नहीं किया।
राष्ट्रमंडल खेल 2022 की स्वर्ण पदक विजेता निकहत ने 50 किग्रा भार वर्ग में अपनी प्रतिद्वंदी को परखने में थोड़ा समय लगाया लेकिन एक बार अजरबैजान की मुक्केबाज का खेल समझने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। मौजूदा चैंपियन होने के बावजूद यहां गैर वरीयता प्राप्त निकहत ने आक्रामक रवैया अपनाया और अपनी विरोधी पर लगातार कई घूंसे जड़े। भारतीय मुक्केबाज का दबदबा इस कदर था कि रेफरी ने तीन तक गिनती करके इस्माइलोवा को समय दिया और फिर दूसरे राउंड में ही मुकाबला रोक दिया।
चैंपियनशिप में गैर वरीयता प्राप्त होने के बारे में निकहत ने कहा, यह कोई समस्या नहीं है। यह ड्रॉ पर निर्भर है और कोई भी वरीयता हासिल कर सकता है। यह मायने नहीं रखता लेकिन मेरा ड्रॉ अच्छा है और प्रतियोगिता आगे बढ़ने के साथ मुझे कड़ी प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना पड़ेगा। निकहत का अगला मुकाबला शीर्ष वरीयता प्राप्त और 2022 की अफ्रीकी चैंपियन रौमेसा बौआलम से होगा।
उन्होंने कहा, मैं उस मुक्केबाज को जानती हूं लेकिन मैं कभी उसके खिलाफ नहीं खेली हूं। मुझे खुशी है कि भारत की तरफ से पहला मुकाबला मैंने लड़ा और उम्मीद है कि मैं इसका अच्छा अंत करूंगी। एक अन्य मुकाबले में भारत की साक्षी (52 किग्रा) ने पहले दौर में कोलंबिया की मार्टिनेज मारिया जोस को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। पहली बार इस चैंपियनशिप में भाग ले रही साक्षी और जोस ने शुरू में एक दूसरे को कड़ी चुनौती दी लेकिन भारतीय खिलाड़ी जल्द ही हावी हो गई और उन्होंने इसके बाद अपनी प्रतिद्वंदी को कोई मौका नहीं दिया।
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