Banda News : शहर से लेकर गांव तक लड़खड़ाई विद्युत आपूर्ति, 72 घंटे की हड़ताल का पूरे जनपद में दिखा असर
बांदा में विद्युत आपूर्ति से लोगों को हो रही परेशानी।
बांदा में शहर से लेकर गांव तक विद्युत आपूर्ति लड़खड़ा गई। 72 घंटे की हड़ताल का पूरे जनपद में असर दिख रहा।
बांदा, अमृत विचार। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार और सांकेतिक हड़ताल में डटे विद्युत कर्मचारियों के प्रांतीय संगठन की ऊर्जा मंत्री से वार्ता विफल हो गई। जिससे कर्मचारी बीती रात 10 बजे से 72 घंटे की पूर्ण हड़ताल पर आ डटे। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का खासा असर देखने को मिला। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों की बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई, जिससे उपभेक्ता परेशान हैं। तकरीबन आधा सैकड़ा गांवों और शहर के तीन फीडरों में बिजली गुल होने से लोग पीने के पानी तक को तरस गये।
चिल्ला रोड स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर हड़ताली बिजली कर्मचारियों ने धरना दिया।
शहर के भूरागढ़ फीडर से जुड़े गंछा, कहला, गोंड़ी बाबा और पीली कोठी से जुड़े गायत्री नगर, कालू कुआं समेत ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत फीडर में खराबी आने से 50 गांवों की बिजली की आपूर्ति ठप रही। जिससे ग्रामीण परेशान रहे। अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे बिजली कर्मियों की हड़ताल का असर से आम-जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता दिख रहा है। बिजली विभाग के कर्मचारी इसके लिए पूरी तरह से सरकार को जिम्मेदार मान रहे हैं। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से कई मोहल्लों में लोगों को पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है और लोग नलों का सहारा लेते नजर आए। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि मांगों को लेकर ऊर्जा मंत्री, मुख्यमंत्री के सलाहकार और एमडी के बीच समझौता भी हो चुका था पर एमडी देवराज तानाशाही रवैय्या अपना रहे हैं। संयोजक पीयूष द्विवेदी ने कहा कि कई साल से बिजली कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। लिखित समझौते के बाद भी मांगे नहीं मानी जा रही हैं। मांगें न मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जायेगी। दावा किया कि पूरे देश में लगभग 27 लाख और जनपद में करीब पांच हजार बिजली कर्मचारी हड़ताल में शामिल है। इस मौके पर अभियंता आशीष सिंह, राजेश श्रीवास, आनंद पाल, अनिल यादव, कांता प्रसाद, नीरज खरे, अमरेश पाल, लखन, राकेश, संजय, आलोक शर्मा, कमाल अहमद, रजनेश यदुवंशी, मोहनलाल, विजय, एजाज रसूल, अतुल कुमार, संतोष, अजय, नरेंद्र, रवींद्र समेत तमाम अभियंता, कार्यालय सहायक, तकनीशियन, संविदा व नियमित कर्मचारी उपस्थित रहे।

एस्मा व एनएसए की चेतावनी से काम पर लौटा एक गुट
सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हड़ताली बिजली कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। प्रदेश सरकार की चेतावनी के बाद हड़ताल में शामिल रहे विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के पदाधिकारी व सदस्य काम पर वापस लौट आये। काम पर वापस लौटने वालें में ज्यादातर लिपिक संवर्ग के कर्मचारी हैं। इनमें आशीष साहू, सुशील अग्रवाल, संजय सिंह, बीएन कुशवाहा, एफआर चिश्ती, कायनात खानम, दीपिका, एहसानुज्जमां, आशुतोष दीक्षित, शायदा परवीन, प्रदीप कुमार, संतोष यादव, मुकेश बाबू सक्सेना, रेखा सैनी, तब्बशुम बेबी, अतुल कुमार शामिल हैं।
