खुलासा: 10 हजार नहीं मिले तो लेखपाल ने वरासत‌ में लगा दी फर्जी रिपोर्ट

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Edited By Amrit Vichar
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एसडीएम की जांच में हुआ खुलासा, आरोपी लेखपाल से स्पष्टीकरण तलब

गोंडा, अमृत विचार। सदर तहसील के सोमरही गांव में तैनात लेखपाल ने वरासत‌ के नाम पर एक पीडित से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रुपए नहीं मिले तो लेखपाल ने विरासत में फर्जी रिपोर्ट लगा दी पीड़ित की शिकायत पर जब एसडीएम ने मामले की जांच कराई तो इसका खुलासा हुआ एसडीएम ने आरोपी लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है साथ ही इसकी रिपोर्ट मुख्य राजस्व अधिकारी को भी भेजी है। 

सदर तहसील के सोमरही गांव के वीरेंद्र कुमार ने एसडीएम से शिकायत की थी कि कि उसके पिता मंगल का निधन 17 दिसंबर 2022 को हो गया था।  उसने वरासत के लिए आवेदन किया तो लेखपाल ने दस हजार रुपये की मांग ‌की। रुपये न मिलने पर लेखपाल ननकऊ प्रसाद चौहान ने मृतक के नाम कोई जमीन न होने की फर्जी रिपोर्ट लगाकर वरासत का दावा ही निरस्त कर दिया। एसडीएम ने मामले की जांच की तो मृतक मंगल के नाम तीन गाटा संख्या में जमीन होने का प्रमाण खतौनी में मिला। ऐसे में वरासत को निरस्त करने में लेखपाल ननकऊ प्रसाद चौहान की भूमिका संदिग्ध मिली। एसडीएम ने इस पर गंभीर रुख अपनाया और घूस मांगे जाने तथा मांग पूरी न होने पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर आवेदन निरस्त करने पर विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने की कार्रवाई की है। इसके साथ ही मुख्य राजस्व अधिकारी को पूरी रिपोर्ट भेजी है।


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