Chitrakoot News : बालू के अवैध खनन से बना मौत का कुंआ, निगल गया मासूम की जिंदगी, पांच पर FIR

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट में अवैध खनन के गड्ढे में फंसकर किशोर की मौत।

चित्रकूट में अवैध खनन के गड्ढे में फंसकर एक किशोर की मौत हो गई। मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पांच पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।

चित्रकूट, अमृत विचार। आखिरकार अवैध खनन से हुए गड्ढे में फंसकर एक किशोर की असमय मौत हो गई। परिजनों ने शव को नदी के किनारे रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इंकार कर दिया। एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने आरोपियों पर कार्रवाई व परिजनों को मुआवजे का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के पिता ने लोहरा खदान के मालिक आजमगढ़ निवासी राशिद अली के साथ पांच लोगों पर गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। 
 
घटना रविवार सुबह लगभग आठ बजे की है। सरधुआ थानांतर्गत गड़ौली गांव निवासी कुबेर वर्मा का पुत्र सचिन (17) महेश पुत्र बिंदा, विवेक पुत्र सुमेर, सुभाष पुत्र छेदीलाल के साथ बागें नदी में नहाने गया था। नदी के उस छोर पर बांदा जिले के अंतर्गत आने वाली खदान है। नहाने के दौरान सचिन डूबने लगा तो नदी किनारे सब्जी लगाए बड़कू व हरिश्चंद्र निषाद नदी में कूदे पर जबतक उसे निकाला जाता, उसकी सांसें थम चुकी थीं। गड़ौली जूनियर हाईस्कूल में कक्षा आठ के छात्र सचिन की मौत से घर में रोनापीटना मच गया।
 
परिजनों और ग्रामीणों ने शव नदी किनारे रख दिया। इन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इंकार कर दिया। इनका कहना था कि सचिन की मौत बांदा जिले में पट्टा होने के बाद भी ठेकेदार इस ओर तक बालू का अवैध खनन करते हैं और इस वजह से नदी में गहरे गड्ढे हो जाते हैं। ऐसे ही गड्ढे में भरे पानी में डूबने से हुई है। एसडीएम प्रमोद झा, तहसीलदार संजय अग्रहरि, सीओ शीतला प्रसाद पांडेय, के साथ पहाड़ी, सरधुआ व राजापुर थाना प्रभारी व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने परिजनों को समझाया और कार्रवाई का भरोसा दिया।
 
इसके बाद शव को परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को सौंपा। बाद में एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह, एएसपी चक्रपाणि त्रिपाठी भी गांव पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। मृतक के पिता कुबेर पुत्र मइयादीन ने सरधुआ थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि उसके पुत्र की मौत जलधारा में अधिक गहराई तक बालू के अवैध खनन की वजह से हुई है। उसने बताया कि लोहरा खदान के मालिक राशिद अली पुत्र शमीम अहमद निवासी जिंदोपुर ठेकमा आजमगढ़ के खिलाफ कई बार शिकायत की पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
 
ये लोग दबंगई और असलहों के बल पर इस पार तक जलधारा में खनन करते हैं। उसने पट्टाधारक राशिद समेत ठेकेदार अरुण कुमार के साथ सेऊहट लोहरा कमासिन जिला बांदा जनार्दन और रामजीत पुत्रगण श्याम और अमरपाल पुत्र उदय पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया है। किशोर की मौत से उसके पिता के साथ मां फूलमती और भाई विक्की के विलाप से लोगों की आंखों में आंसू आ गए।          
 

सदर विधायक बोले, पूरे बुंदेलखंड में हो रहा अवैध खनन

सदर विधायक अनिल प्रधान ने घटनास्थल पहुंचकर परिजनों को समझाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। अनिल ने आरोप लगाया कि चित्रकूट समेत पूरे बुंदेलखंड में अवैध खनन बदस्तूर हो रहा है। वह इस संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार बता चुके हैं और पत्र भी लिख चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के मुद्दे को वह सदन में भी उठा चुके हैं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। जब सदन चलता है तो सत्ताधारी दल के मंत्री और विधायक दावा करते हैं कि प्रदेश में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि बांदा का पट्टाधारक चित्रकूट जिले में अवैध खनन कर रहे हैं और किसी को पता नहीं। उन्होंने इस पूरे मामले में सत्ता संरक्षित लोगों का दोष बताया। उन्होंने कहा कि अवैध खनन का सिंडीकेट चल रहा है और इसमें जिला प्रशासन की शह है। तमाम सड़कें अवैध खनन की बालू से लदे ओवरलोड वाहनों की वजह से खराब हो गई हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। अनिल प्रधान का कहना था कि इसमें सबसे ज्यादा दोष पुलिस का है। थाना प्रभारी अवैध कमाई में जुटे हैं और निर्दोषों की जान जा रही है।   
 

पोकलैंड में भी लगाई आग और भाग गए 

वहां खड़ी पोकलैंड मशीन पर संदिग्ध परिस्थितियों में भी आग लग गई। इस संबंध में कुबेर ने रिपोर्ट में कहा है कि ठेकेदारों ने पोकलैंड में आग लगाई और भाग गए। ग्रामीणों ने बताया कि जब ठेकेदारों ने देखा कि किशोर डूब रहा है तो वे लोग अपने वाहन लेकर वहां से भाग खड़े हुए। इस दौरान आरोपियों ने पोकलैंड में आग भी लगा दी। 
 

कई अन्य जगहों पर खनन के आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चांदी, धुमाई, धौरहरा, बियावल, सकरौली, ममसी आदि जगहों पर नियमविरुद्ध तरीके से खनन किया जा रहा है। सीमा से ज्यादा खनन होने से अक्सर घटनाएं होती हैं। कई घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों का यहां तक कहना था कि कभी सत्ता संरक्षित लोगों की वजह से तो कोई प्रशासनिक संरक्षण की वजह से घटनाओं को दबा दिया जाता है। लगभग एक हफ्ते पहले गांव निवासी दो बच्चे डूब रहे थे, जिनको बड़ी मशक्कत से बचाया जा सका था।

 

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