पवित्र रमजान महीना : पहला रोज़ा आज, शुरू हुई रहमतों की बारिश

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Edited By Amrit Vichar
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मस्जिदों के अलावा घरों में शुरू हुआ इबादत का दौर

हरदोई, अमृत विचार। इस्लाम में नमाज़ और रोज़ा फर्ज़ किया गया है, लेकिन अगर माल और दौलत हो तो ज़कात और हज को भी फर्ज़ किया गया है। हिजरी कैलेंडर के नवें महीने को खुदा की इबादत के लिए रखा गया है। जिसे रमज़ान कहा जाता है। खुदा अपने बंदों से बे-पनाह मोहब्बत करता है। जो कोई भूखा और प्यासा रहता है,उसकी शिद्दत को महसूस करने के लिए रोज़े का हुक्म है। रमज़ान तीन अशरों में मुकम्मल होता है।

बरकतों और रहमतों वाला माह-ए-रमज़ान शुरू हो गया। कुरआन में कहा गया है कि खुदा अपने बंदों को एक नेकी का 70 गुना सवाब देता है। एक नेकी के बदले उसे 70 नेकियों का सवाब देता है। इस लिए रमज़ान के महीने में कसरत से इबादत करने का हुक्म दिया गया है। इस महीने में अल्लाह तआला अपने चहेते बंदों पर रहमत और बरकत की बारिश करता है। रमज़ान शुरू होते ही इबादतगाहों में इबादत शुरू हो गई। बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी मस्जिदों की तरफ दौड़ पड़े। रमज़ान शुरू होने से पहले ही मस्जिदों का रंग-रोग़न किया। इसके अलावा लोगों ने अपने-अपने घरों की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई पूरी कराई। रमज़ान के 30 दिनों को तीन अशरों में बांटा गया है। 10 दिन का पहला अशरा रहमत का होता है,इस अशरे में खुदा अपने बंदों पर रहमत की बारिश करता है,उसके बाद दूसरा अशरा मग़फिरत का होता है,इस अशरे में बंदे रोते हुए और गिड़गिड़ाते हुए अपने गुनाहों की माफी मांगते है। इसके बाद तीसरा अशरा जहन्नुम की आग से निजात दिलाने के लिए होता है। इस लिए रमज़ान में कसरत से इबादत करने का हुक्म दिया गया है।

अंजुमन इस्लामियां ने पूरी की तैयारियां

रमज़ान को ले कर मस्जिदों की साफ-सफाई और रंग-रोग़न के लिए अंजुमन इस्लामियां अपनी ज़िम्मेदारी को फाइनल टच दे चुकी है। अंजुमन के सदर एडवोकेट मोहम्मद खालिद और जनरल सेक्रेटरी हफीज़ अहमद खां ने बताया है कि इस बार जामा मस्जिद में अंदर और बाहर दोनों जगहों पर तरावीह का इंतज़ाम किया गया है। साथ ही शहर की दीगर मस्जिदों में अलग-अलग तय वक्त पर तरावीह पढ़ी जाएगी।

तेज़ी से बढ़ी खजूर की मांग

रोज़ेदार की पहली और सबसे अव्वल पसंद खजूर की होती है। इस लिए बाज़ारों के अलावा गली-मोहल्लो की दुकानों पर खजूर की ज़बरदस्त मांग है। एक से बढ़ एक किस्म के खजूर बाज़ार में सजे हुए हैं। इसके अलावा पापड़ और चिप्स की भी काफी डिमांड है। सेवई और सूतफेनी भी अपनी अलग पहचान के लिए जानी जाती हैं।

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