रामपुर: सजा बनीं मिसाल....डीएम ने रखी दिव्यांग के मकान की नींव, जानिए पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। विकास खंड शाहबाद के गांव गदमर पट्टी में शुक्रवार को खूब रौनक थी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ खुद एक दिव्यांग के मकान की नींव की पहली ईंट रखने पहुंचे थे। यह मकान प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से दिव्यांग का नाम कटवाने के कारण प्रधान और सचिव के निदी संसाधन से बनना शुरू हुआ था। जिलाधिकारी ने प्रधान और सचिव को नाम काटने की यही सजा दी थी। इस अनोखी और मिसाल कायम करने वाली सजा के साथ एक सीख भी दी गई थी ताकि आगे भी कोई किसी दिव्यांग के साथ ऐसा करने का साहस न जुटाए। 

 शाहबाद ब्लाक के गांव गदमर पट्टी के रहने वाले दिव्यांग दुर्गा प्रसाद ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ के पास प्रधान सुमित और सचिव एनोज एन्थोनी की शिकायत लेकर पहुंचे थे। आरोप था कि प्रधान और सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से उसका नाम काट दिया है।

जिलाधिकारी ने दिव्यांग की शिकायत की गंभीरता देखते हुए तत्काल खंड विकास अधिकारी से रिपोर्ट तलब की। जब मामले की जांच कराई तो पता चला कि प्रधान और सचिव ने द्वेषपूर्ण भावना से दिव्यांग का नाम काटा है। जिलाधिकारी ने प्रधान और सचिव को जमकर फटकार लगाई और भूल सुधार करने का अवसर देते हुए दिव्यांग के घर को अपने निजी संसाधनों से बनवाने के निर्देश दिए।

प्रधान और सचिव ने अपनी गलती मानते हुए मकान बनवाने की जिम्मेदारी ली। दिव्यांग के मकान की नींव रखने के लिए जिलाधिकारी शुक्रवार को खुद गांव पहुंचे। जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर दिव्यांग दुर्गा प्रसाद की खुशी का ठिकाना न रहा। जिलाधिकारी ने पूरे विधि विधान से दुर्गा प्रसाद के मकान की नींव रखी और प्रधान तथा सचिव को निर्देश दिए कि एक माह के भीतर दुर्गा का मकान बन कर तैयार हो जाना चाहिए।

एक माह बाद गृह प्रवेश भी कराने जाएंगे 
डीएम ने दिव्यांग दुर्गा को आश्वस्त किया कि वह एक माह के बाद फिर से आकर उनका हाल-चाल जानेंगे और खुद आकर गृह प्रवेश भी कराएंगे। उन्होंने दुर्गा को उपहार भी प्रदान किया साथ ही खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि दुर्गा का राशन कार्ड जारी करने की कार्यवाही भी की जाए।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थायी प्रतीक्षा सूची भी पढ़ी और ग्रामीणों से सूची में शामिल लाभार्थियों के नाम पढ़कर सुनाए तथा उनकी पात्रता का सत्यापन भी किया। गांव में राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि रविवार को गांव में कैंप का आयोजन करके राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं का समाधान होना चाहिए।

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