अयोध्या: नहीं चला अभियान, अब गले पड़ा फरमान, महज पांच दिनों में कैसे छुट्टा पशुओं से निपटा जाए
अयोध्या,अमृत विचार। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से हर जिले को 31 मार्च तक छुट्टा पशु मुक्त किए जाने का फरमान अफसरों की जान की सांसत बन गया है। साल भर हाथ पर हाथ धरे बैठे अफसरों के पसीने छूट रहे हैं कि महज पांच दिनों में कैसे छुट्टा पशुओं से निपटा जाए। बता दें कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक छुट्टा पशु मुक्त किए जाने का आदेश है।
किसानों के लिए जबर्दस्त संकट बन चुके छुट्टा पशुओं से निपटने के लिए शासन के निर्देश पर अब तक दो दर्जन से अधिक अभियान चल चुके हैं। हर तहसील और यहां तक कि ग्राम पंचायत स्तर तक पर अभियान चला, लेकिन छुट्टा पशु भारी पड़े। यह हाल तब है जब तीन वर्षों के दौरान जिले की सभी 835 ग्राम पंचायतों और सात निकाय क्षेत्रों में गौशालाएं हैं।
प्रत्येक गौशालाओं में भूसे चारे समेत अन्य व्यवस्था के दावे किए जाते हैं लेकिन स्थिति जस की तस है। खुद जिम्मेदार तक स्वीकार करते हैं कि छुट्टा पशु लाइलाज बीमारी हैं लाख प्रयास के बाद भी इन पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता है। हवा में चलाए गए अभियानों में छुट्टा पशु पकड़ने की रस्म अदायगी की गई नतीजा अब प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं।
बैसिंह गौशाला फुल, रखवाली कर रहे ग्रामीण
पूराबाजार प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड पूरा बाजार में कान्हा उपवन गौशाला बैसिंह में 2629 गोवंश है। अब यह गौशाला फुल हो गई। ग्राम पंचायत सराय चैमल के झलियावां बाग में छुट्टा जानवर बसेरा बनाए हुए हैं। रामनयन पांडे, सुरेंद्र पांडे, देवी प्रसाद राय, दिलीप राय,कपिल देव दूबे कहते हैं कि ये छुट्टा जानवर फसलों को नष्ट कर देते हैं।
ग्राम पंचायत राजेपुर के शारदा यादव बताते हैं कि फसलों को बचाने के लिए रात भर जागकर रखवाली करनी पड़ती है। खंड विकास अधिकारी मनीष मौर्या ने बताया कि ब्लॉक में 13 अस्थाई गौआश्रय का निर्माण चल रहा है, जिसके चलते छुट्टा जानवरों को पकड़ने का अभियान अभी नहीं चल सका।
यहां आए दिन पशु क्रूरता की तस्वीरें होती हैं वायरल
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र में कुल 5 गोशालाएं संचालित हैं। कान्हा गोशाला पिरखौली के 325 पशु को छोड़ दिया जाय तो बैदरापुर और सिडहिर की गोशालाएं शासन की मंशा के अनुरूप संचालित होने में विफल रही है। पशुओं की बदइंतजामी और क्रूरता भरी फोटो व वीडियो पिछले कुछ महीनों में कई बार वायरल होती रही है।
बैदरापुर का मुआयना शासन के एक मंत्री ने किया। ग्रामीण राम सुरेश, राजनाथ पांडेय, प्रदीप सिंह, मुन्ना सिंह व बुधराम आदि कहते हैं कि आवारा पशुओं को पकड़ने का सरकारी फरमान केवल कागजों पर दौड़ रहा है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने बताया सभी गोशालाओं की निगरानी होती रहती है। कुछ का संचालन गड़बड़ रहा है। जल्दी ही फिर अभियान चलेगा।
सड़कों पर अक्सर दिख जाते हैं छुट्टा पशु
गोसाईगंज प्रतिनिधि के अनुसार यहां दो गौशालाएं हैं। एक अमसिन के दफ़्फरपुर गांव के पास तो दूसरी कस्बे के बगल धारुपुर गांव में। इसके बावजूद सड़कोंपर छुट्टा पशुओं में कोई कमी नहीं आई है। धारुपुर गौशाला के केयरटेकर जैसराज ने बताया कि कस्बे में टहल रहे छुट्टा पशुओं को गौशाला भेजा जा रहा है। शीघ्र ही कस्बे को छुट्टा पशुओं से मुक्त कराया जाएगा।
यह भी पढ़ें:-अयोध्या: बाबा बाजार थाने के नए भवन का हुआ उद्घाटन, एसएसपी ने जनता से बेहतर संवाद के लिए मातहतों को दिए निर्देश
