Banda News : BJP प्रदेश कार्यसमिति से बुंदेले दरकिनार, हाथ लगी निराशा, भाजपा ने नहीं दी जगह
बांदा में 45 सदस्यीय प्रदेश टीम और आधा दर्जन क्षेत्रीय अध्यक्षों का किया गया ऐलान।
बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति से बुंदेले दरकिनार। जिससे निराशा हाथ लगी है। कभी सत्ता का केंद्र होता था बुंदेलखंड का पिछड़ा क्षेत्र।अब भाजपा ने जगह नहीं दी।
बांदा, अमृत विचार। कभी सत्ता का केंद्र रहने वाला बुंदेलखंड क्षेत्र सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति और क्षेत्रीय अध्यक्षों के ऐलान में खाली हाथ रह गया। 45 सदस्यीय प्रदेश टीम और आधा दर्जन क्षेत्रीय अध्यक्षों की पूरी फेहरिस्त में बुंदेलों की अनदेखी सबको अखर रही है। हालांकि सत्ता के दबाव में कोई भी धुरंधर अपना मुंह खोलने की स्थिति में नहीं है, लेकिन गुपचुप तरीके से छोटे-बड़े सभी नेता इस चर्चा को हवा दे रहे हैं।
लंबे इंतजार के बाद शनिवार की शाम भाजपा प्रदेश कार्यसमिति का ऐलान हुआ तो बुंदेलखंड के नेताओं के हाथ बस निराशा ही लगी। खुद को पदासीन करने की लालसा लिए कई नेता हाथ मलते रह गए। आखिरकार बुंदेली नेताओं के हाथ कुछ नहीं लग सका। देखा जाए तो कांग्रेस से सपा-बसपा तक बुंदेलखंड का पिछड़ा क्षेत्र अक्सर सत्ता के केंद्र में रहा है, चाहे वो सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद हों या फिर बसपा के कद्दावर मंत्री रहे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव या कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जर्नादन द्विवेदी रहे हों, सभी का नाम राजनीतिक क्षितिज में चमकता रहा है। पूर्व राज्यसभा सांसद विशंभर निषाद तो मौजूदा समय में भी सपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी पाला बदलकर कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अपना सिक्का चला रहे हैं।
ऐसे में दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा से बुंदेलखंड क्षेत्र को काफी उम्मीदें थीं और क्षेत्र के कई नेता प्रदेश कार्यसमिति में शामिल होने काे आतुर थे। लेकिन जब 45 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति का ऐलान किया गया तो समूचे बुंदेलखंड से किसी भी नेता का नाम शामिल नहीं किया गया। जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र ने भाजपा को जमकर सहयोग किया और 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में सभी चार सीटें भाजपा की झोली में डालीं, वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में सभी 19 सीटें और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी 16 सीटों पर भारी भरकम जीत दिलाई। लेकिन बदले में भाजपा ने अपनी प्रदेश की टीम में बुंदेलखंड की अनदेखी करने का काम किया है।
