आरिफ को नोटिस पर प्रियंका गांधी ने लिखी Post, कहा -रक्षकों का सम्मान करने के बजाय यूपी सरकार भेज रही नोटिस
अमेठी, अमृत विचार। आरिफ से सारस की दोस्ती और सारस को पालने के जुर्म में उत्तर प्रदेश प्रभागीय वनाधिकारी गौरीगंज ने हाल ही में आरिफ को एक नोटिस जारी किया है। 2 अप्रैल को प्रभागीय वन अधिकारी कार्यालय में बयान दर्ज करने का नोटिस आरिफ को भेजा गया है। नोटिस में आरोप है कि उन्होंने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 2,9, 29,51 और 52 का उल्लंघन किया है। जिसको लेकर अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार पर हमला बोला है।

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा है कि प्रेम, संवेदना के प्रति ये अन्याय कतई सही नहीं है। प्रियंका गांधी ने कहा, रक्षकों का सम्मान करना हमारे देश की परंपरा है। प्रेम की मिसाल कायम करने वालों को इस देश में सराहा जाता है। लेकिन यूपी सरकार को क्या सूझा जो सारस की जान बचाने वाले उसको दोस्त की तरह रखने वाले रक्षक को नोटिस भेजा जा रहा है । प्रेम संवेदना के प्रति ये अन्याय कतई सही नहीं है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इसके पहले भी आरिफ व सारस की दोस्ती को जय-वीरू की दोस्ती करार दिया था।
गौरतलब है कि अमेठी के जामो ब्लॉक के मुंडका गांव के रहने वाले मोहम्मद आरिफ अगस्त 2022 में वह जब अपने खेतों की ओर गए हुए थे । तो वहां उन्हें एक सारस पक्षी दिखाई दिया जिसका पैर टूटा हुआ था। आरिफ उसका इलाज किया और फिर अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला नतीजन, सारस को भी आरिफ से दोस्ती हो गई और वह वहीं रहने लगा।
मीडिया और सोशल मीडिया पर आरिफ व सारस की दोस्ती की मिसाल गिनाई जाने लगी। गायत्री प्रसाद प्रजापति की पुत्री के शादी समारोह में सम्मिलित होने अमेठी आए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी दोनों से मिलने पहुंचे और उनकी दोस्ती की प्रगाढ़ता देख अखिलेश ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर भी किया था।
जिसके बाद अचानक वन विभाग की टीम आरिफ के घर पहुंची और सारस को पकड़कर ले गई। वन विभाग ने सारस को समसपुर पक्षी विहार में छोड़ दिया था। इसके बाद सारस पक्षी विहार से गायब होकर 6 किमी दूर बिसैया गांव पहुंच गया । वहां कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया, लेकिन गांव वालों ने उसे बचा लिया। जिसके बाद सारस को वन विभाग द्वारा कानपुर के चिड़ियाघर भेज दिया गया है। आरिफ का दावा है कि अगर सारस को छोड़ दिया जाए तो वह वापस उसके पास आ जाएगा । फिलहाल, दोनों की दोस्ती के आड़े कानून आ रहा है। वन विभाग के अधिकारी के अनुसार किसी भी संरक्षित पक्षी या जानवर को रखना गैरकानूनी है। इतना ही नहीं उसे खिलाना-पिलाना भी गैरकानूनी है।
ये भी पढ़ें - Bahraich Accident: अनियंत्रित ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी, महिला की मौत-तीन घायल
