लखनऊ : बेच दिए ट्रांसपोर्ट नगर योजना के 'गुम' भूखंड, जांच के निर्देश
दो बाहरी व्यक्ति एलडीए से पता कर भूमि की कराते थे फर्जी रजिस्ट्री व बिक्री
लखनऊ, अमृत विचार। लखनऊ विकास प्राधिकरण में मंगलवार को आयोजित नागरिक सुविधा दिवस में ट्रांसपोर्ट नगर योजना के अभिलेखों में गुम भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्री कर बेचने का मामला सामने आया है। जिसकी मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने 10 सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए हैं।
यह शिकायत एलडीए काॅलोनी, कानपुर रोड निवासी हरप्रीत भाटिया ने मंडलायुक्त से की। उन्होंने बताया कि 1981 में एलडीए ने ट्रांसपोर्ट नगर योजना बनाई थी। जहां पट्टे व व्यावसायिक कार्य के लिए भूमि व्यापारियों को दी जानी थी। करीब 1,500 भूखंड हैं। 2019-20 से भूखंडों पर कब्जा होने लगा और फर्जी रजिस्ट्री कर बिक्री की जाने लगी। यह कार्य दो बाहरी लोगों द्वारा किया जा रहा है। जो एलडीए के बाबुओं से ऐसे भूखंडों का पता लगाते हैं, जिनकी फाइलें गायब हैं और रिकार्ड में नहीं है। ऐसे भूखंडों की अपने नाम से रजिस्ट्री कराकर दूसरे को बेचते हैं। हरप्रीत ने मंडलायुक्त को ऐसे 10 फर्जी तरह से रजिस्ट्री किए गए 10 भूखंडों की सूची दी। ट्रांसपोर्ट नगर योजना की पूर्व में एलडीए ने जांच की थी। स्टाम्प चोरी भी कर रहे हैं। अधिकांश भूखंडों पर कब्जा भी हो गया है। इस पर मंडलायुक्त ने जिला प्रशासन व एलडीए के अधिकारियों की 10 सदस्यीय टीम बनाकर जांच के निर्देश दिए हैं और 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
80 भूखंडों में मिल चुका हेर-फेर
हरप्रीत ने बताया कि एलडीए ने तीन साल पहले ट्रांसपोर्ट नगर योजना की जांच की थी। जिसमें 80 भूखंडों के रिकार्ड नहीं मिले थे। उनमें भी फर्जी रजिस्ट्री कर बेचना पाया था। इसी तरह बताया कि गोमती नगर विस्तार में भी इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आ चुका है। जो ऐसे भूखंड पता कर फर्जी रजिस्ट्री कर बेचते आ रहे हैं।
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