बरेली: प्रभारी मंत्री की फटकार का नहीं दिखा असर, सड़कों पर धक्के खा रहे लोग

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Edited By Amrit Vichar
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जल जीवन मिशन के तहत सैकड़ों गांवों में पानी की पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गईं सड़कें बनीं मुसीबत

बरेली, अमृत विचार। बीते सप्ताह दिशा और जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की बैठक में जनप्रतिनिधियों और अफसरों की नाराजगी के बाद भी जल निगम का काम करने का अंदाज नहीं बदला। जल जीवन मिशन के तहत पानी की पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए रास्ते जैसे के तैसे पड़े हैं। इसकी वजह से तमाम गांवों में लोगों का घरों से निकलने में परेशानी हो रही है।

जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले के 1809 ग्राम पंचायतों में पाइप लाइन के जरिए घर-घर पानी पहुंचाया जाना है। उप्र जल निगम ग्रामीण यह काम कार्यदायी संस्था एनएनसी से करा रहा है। पहले चरण में दो साल पहले 1405 गांवों में शुरू हुए काम के बाद भी सैकड़ों गांवों में सीसी रोड, खड़ंजे उखाड़कर डाली गई पाइप लाइन डालने के बाद गड्ढों को मिट्टी से भरने के बाद जैसे का तैसा छोड़ दिया है। दिशा की बैठक में पिछले दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार के समक्ष विधायकों और ब्लाक प्रमुखों ने यह मुद्दा जोरशोर से उठाया था। 

जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने नाराजगी जताते हुए जल्द सारे रास्तों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था। इसके कुछ दिन बाद जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह के सामने भी जल निगम के अफसरों पर जनप्रतिनिधियों ने जमकर भड़ास निकाली, तब भी आश्वास मिला था कि व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी, लेकिन मीरगंज, नवाबगंज, बिथरी समेत कई ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में हालत बद से बदतर नजर आ रहे हैं।

तीन महीने का दावा, सालभर से धक्के खा रहे
विभागीय कर्मी बताते हैं पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क ठीक करने में करीब तीन महीने का समय लगता है। इसकी वजह यह है कि पाइप लाइन डालने के बाद परीक्षण करना होता है कि कहीं उसमें लीकेज तो नहीं है। हकीकत यह है कि एक से दो साल बाद भी रास्ते ठीक नहीं कराए गए हैं।

परियोजना को 2024 तक पूरा करना है। करीब 550 गांवों में काम पूरा हो चुका है। सड़क इसलिए खुदी पड़ी हैं क्योंकि पाइप लाइन में लीकेज का परीक्षण करने के बाद ही सड़क को पक्का किया जाता है। जल्द ही सभी जर्जर सड़कों को ठीक कर लिया जाएगा- कुमकुम गंगवार, एक्सईएन जल निगम ग्रामीण।

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