रायबरेली: रामचरितमानस को राष्ट्रीय धर्म ग्रंथ घोषित करने की उठाई आवाज, चौसठी मठ के खांडेसराय आश्रम में हुआ संतसमागम

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लालगंज (रायबरेली) अमृत विचार। वाराणसी के चौसठी मठ पीठाधीश्वर दंडी स्वामी पल्ली बाबा के खांडेसराय लालगंज स्थित आश्रम में पंचवटी विकास समिति के तत्वावधान में डॉक्टर अमल धारी सिंह पूर्व प्राचार्य बैसवारा महाविद्यालय  द्वारा संपादित ग्रंथ 'श्रीरामचरितमानस सतपंच चौपाई ' तथा डॉक्टर महादेव सिंह सचिव पंचवटी विकास समिति लालगंज द्वारा संपादित 'पंचवटी पत्रिका तृतीय पुष्प ' का विमोचन पल्लीबाबाजी के कर कमलों के द्वारा संपन्न हुआ। 

वासंतिक नवरात्र ,विक्रम संवत 2080 के पावन अवसर पर संत श्री ने इन पावन कृतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीरामचरितमानस समस्त मानव जाति का आदर्श गौरव ग्रंथ है, जो चराचर जगत में व्याप्त समरसता एवं विश्व बंधुत्व का संदेश देता है। असत्य, अधर्म पर सत्य और धर्म की विजय के साथ ही सदाचार, न्याय, त्याग, भ्रातृभाव एवं मर्यादा के शुचिता पूर्ण आचरण करने का संदेश देने वाले इस ग्रंथ रत्न को, पंचवटी परिवार के साथ ही हम सभी इसे राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने के लिए भारत सरकार से मांग कर के अभ्युदय शाली भारत के नव निर्माण का लक्ष्य साकार करने में अपना योगदान करें।

इस अवसर पर डॉअमल धारी सिंह ,केशव कुमार सिंह, प्रोफेसर हजारी सिंह, प्रोफेसर बीएन विश्वकर्मा, डॉ ओ पी सिंह, साहित्यकार, प्रेम नारायण तिवारी, अध्यक्ष पंचवटी, राष्ट्र पति पुरस्कृत शिक्षक रमेश सिंह, रामरुचि सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य, शिवकुमार सिंह, रामकरन सिंह कवि,बलदेव सिंह सागर, डॉ महादेव सिंह, हनुमन्त सिंह, अमर पाल सिंह, देव राज सिंह, गुलाब सिंह, रघुराज सिंह, प्रधान,राजेन्द्र सिंह बी डी ओ, महेन्द्र सिंह, नरेन्द्र सिंह, डॉ भूपेंद्र सिंह,सौरभ सिंह, श्रीमती विमला सिंह, श्रीमती रेखा गुप्ता, ब्रह्मचारी देवेन्द्र जी, सन्त समुदाय आदि की समुपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।कार्य क्रम का संचालन राम गुलाम सविता ने किया।

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