Akanksha Dubey Suicide: आकांक्षा दुबे की मां ने थाने में किया हंगामा, चूड़ियां तोड़ीं, पुलिस पर लगाया आरोप

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

वाराणसी। भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मौत के मामले में आरोपित गायक समर सिंह यादव और उसके भाई संजय सिंह की एक हफ्ते बाद भी गिरफ्तारी न होने से नाराज मां मधु दुबे ने शुक्रवार सारनाथ थाने पर जमकर हंगामा किया। मां मधु दुबे और जनसत्ता पार्टी के जौनपुर जिलाध्यक्ष राजन त्रिपाठी व समर्थकों ने थाने में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। 

पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मां कभी पुलिसकर्मियों व थानेदार से न्याय की गुहार लगाती रही और फिर रोने लग रही थी। बेटी के वियोग में मां रह-रहकर भावुक हो जा रही थी। थानेदार के सामने हाथ जोड़कर कभी न्याय की गुहार लगाती तो कभी दोनों हाथ उठाकर बिलखने लगी। लोग उन्हें चुप कराने के लिए कभी उनके मुंह को हाथ बंद करने तो कभी सहारा देकर शांत कराने की कोशिश करते रहे।

dfg

आखिरकार मां ने दहाड़े मारते हुए थानेदार की ही कुर्सी पर दोनों हाथ पटकर अपनी चूड़ियां तोड़ डाली। बार-बार कहती रही मुझे हर हाल में न्याय चाहिए। भोजपुरी सिंगर समर ने मेरी बेटी की जिंदगी ली है और मेरा हंसता खेलता परिवार भी उजाड़ दिया है। उसे पुलिस बचा रही है। मां ने सवाल किया कि योगी के शासन और मोदी के संसदीय क्षेत्र में महिला अपराध की स्थिति क्या है यह सबके सामने हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं नारा हवा हो गया है ? महिला अपराध पर नियंत्रण के दावे कागजी मालूम पड़ने लगे हैं। मैने शोषण, मारपीट, धोखाधड़ी समेत कई आरोप लगाए और तहरीर दी। 

पुलिस सिर्फ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया। बाकी धाराएं पुलिस खा गई। मां मधु दुबे ने कहाकि पिछले साल आकांक्षा दुबे ने सारनाथ में जन्मदिन मनाया था। तब भी समर सिंह ने उसे मारापीटा था। इसकी शिकायत आकांक्षा ने सारनाथ चौकी में की थी। तब पुलिस ने समझाकर किसी तरह मामले को शांत करा दिया था। समर और संजय मेरी बेटी को लगातार प्रताड़ित करते रहे। 
उसके बाकाया रूपये हड़प लिये। 

पुलिस मामले का दबाना और आरोपितों को बचाने में लगी है। जनसत्ता पार्टी के जौनपुर जिलाध्यक्ष राजन त्रिपाठी ने कहाकि आकांक्षा की परिवार का भरण पोषण करती थी। आज भदोही स्थित घर में आकांक्षा की मां, उनका भाई है। आकांक्षा की मौत के बाद परिवार की जीविका का साधन भी समाप्त हो गया। आरोपितों की यदि जल्द गिरफ्तारी नही हुई तो आंदोलन बड़ा होगा।

यह भी पढ़ें:-रायबरेली: बेटी बैठी थी दरवाजे पर, घर में फंदा लगाकर मां ने दी जान

संबंधित समाचार