VIDEO : जयपुर ब्लास्ट पर BJP विधायक कालीचरण बोले- मौलाना अशोक गहलोत ने कोर्ट में ऐसे वकीलों को लगाया जिन्होंने सही से पैरवी नहीं की

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

जयपुर। बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री कालीचरण सराफ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौलाना अशोक गहलोत ने तुष्टिकरण की राजनीति की है। उन्होंने केवल अपने आकाओं को खुश करने के लिए ऐसे वकीलों को लगाया, जिन्होंने कोर्ट में इस मामले की ढंग से पैरवी नहीं की। विधायक सराफ शनिवार को छोटी चौपड़ पर जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपियों की रिहाई के खिलाफ बीजेपी के प्रदर्शन में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिस अफसरों को लगाया गया, जो सही से जांच कर सबूत नहीं जुटा सके। इसकी वजह से हाईकोर्ट ने उन दरिंदों, जिनको फांसी के तख्ते पर होना चाहिए था। उन्हें रिहाई दे दी। इसके लिए सिर्फ गहलोत सरकार जिम्मेदार है।

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जयपुर के दोषियों की रिहाई के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। यह वही पार्टी है, जिसके नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि आतंकवादी मारे गए तो सोनिया गांधी की आंख के आंसू नहीं रुक रहे। ऐसे में उन्हें सजा कैसे मिल सकती थी। यह बड़ा सवाल है। जो राजस्थान की जनता पूछ रही है।

जोशी ने कहा कि जयपुर और राजस्थान की जनता पूछ रही है कि आखिर 71 लोगों की जान लेने वाले दोषी कैसे छूट गए। यह राजस्थान की जनता का दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने सरकार बचाने के लिए तो सुप्रीम कोर्ट में नामी वकील खड़े कर दिए। बम ब्लास्ट के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कोई वकील सरकार को नहीं मिला। बीजेपी पीछे नहीं हटेगी। सत्ता में आने के बाद इस मामले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएगी।

आरएसएस को लेकर दिए मुख्यमंत्री के बयान पर भी जोशी ने पलटवार करते हुए कहा- गहलोत को फोबिया हो गया है। जो राहुल गांधी उनको कुर्सी से हटाना चाहते थे। अब उन्हें खुश करने के लिए गहलोत आरएसएस को लेकर बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। जयपुर की जनता न्याय मांग रही है। जिन 71 लोगों ने जान गंवा दी, उसके हत्यारों को फांसी कब मिलेगी।

राजस्थान बीजेपी में सतीश पूनिया के अध्यक्ष पद से हटने और सीपी जोशी के अध्यक्ष बनने के बाद अब वसुंधरा गुट एक बार फिर सक्रिय हो गया है। धरने में 3 साल बाद वह नेता भी नजर आए, जो पिछले लंबे वक्त से संगठन के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए थे। इस दौरान पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, विधायक कालीचरण सराफ, पूर्व विधायक मोहन लाल गुप्ता के लावा राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें- CM गहलोत ने दी जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में 20 नवीन पदों के सृजन को मंजूरी 

संबंधित समाचार