Kanpur Fire : भभकती इमारतों के ठंडा होने का इंतजार, मुख्य सचिव व मंत्री के आने की सूचना पर तैनात रहा प्रशासन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर के बांसमंडी में भभकती इमारतों के ठंडा होने का इंतजार है।

कानपुर के बांसमंडी में कपड़ा बाजार में आग चौथे दिन शांत हो गई। लेकिन अब प्रशासन इमारतों के ठंडा होने का इंतजार कर रहा है। मंगलवार को मुख्य सचिव व मंत्री आने की सूचना पर प्रशासन तैनात रहा।

कानपुर, अमृत विचार। अनवरगंज थानाक्षेत्र अंतर्गत बांसमंडी स्थित यूपी के सबसे बड़े थोक कपड़ा बाजार में लगी भीषण आग चौथे दिन शांत हो गई थी। अब प्रशासन इमारतों के ठंडा होने का इंतजार कर रहा है। लगातार चार दिनों से पानी डालने के कारण बिल्डिंगें जगह-जगह चिटक गईं है। आग की भयावहता से तबाही का अंदाजा लगाया जा सकता है।

एनडीआरएफ व एसडीआरफ ने इन छह अरजन टावर, एआर टावर, मसूद कांप्लेक्स, हमराज कांप्लेक्स, नफीस टावर व सुपर हमराज का निरीक्षण कर किसी के भी प्रवेश करने पर साफ मना किया है। टीम का साफ कहना है, कि इमारतों से जब तक आग की भभक नहीं निकल जाती तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है। फिलहाल प्रथम दृष्टयता सभी इमारतों की हालत बेहद खराब स्थिति में है। जगह-जगह स्लैब गिर गईं है। जीने व दीवारें चिटककर गिर रही हैं। ऐसे में यहां किसी का भी प्रवेश करना खतरे से खाली नहीं है। 

गुरुवार रात डेढ़ बजे एआर टावर से शुरू हुई आग ने अगल-बगल के अरजन टावर, मसूद कांप्लेक्स, हमराज कांप्लेक्स, सुपर हमराज व नफीस टावर को अपनी चपेट में ले लिया था। तेज हवाओं के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। रात में 40 से ज्यादा लगी दमकल की गाड़ियों से काबू न पा पाने के कारण आसपास के जिलों से 60 दमकल मंगाई गई थीं। ज्यादा ऊंचाई के कारण पानी का प्रेशर न पहुंचने के कारण आग फैलते ही जा रही थी।

इसके बाद आगरा, लखनऊ व प्रयागराज से हाईड्रोलिक मशीन मंगाई गई थी। यहां पहुंचने के बाद दिन रात करके चार दिन बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया था। भीषण अग्निकांड में पूरी तरह से बर्बाद हुईं इमारतों के बाद व्यापारी पूरी सड़क पर आ गए हैं। उनके पास न तो किस्त जमा करने के पैसे हैं, न तो घर के लोगों के लिए दवा लाने के पैसे। उधारी करके कारोबार से वह लोग कर्ज में डूब गए हैं। जिला प्रशासन के अधिकारी अब भभक रहीं इमारतों को ठंडा करने का इंतजार कर रहे हैं।  

एसडीआरएफ के साथ बिल्डिंग में जाएंगे व्यापारी 

संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी के अनुसार आग लगने की घटना के बाद से कांप्लेक्सों की हालत काफी खराब हो गई है। उनके स्लैब जगह-जगह से टूटकर गिर रही है। आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। आग की भभक इमारतों के अंदर भरी है। जिसके कारण उनके ठंडा होने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर एसडीआरएफ के साथ बिल्डिंग में एक-एक करके व्यापारी जाकर अपनी-अपनी दुकानों की स्थिति देखेंगे। आग बुझने के बाद से रोजाना व्यापारी अपनी दुकानों की दशा देखने के लिए कांप्लेक्स के अंदर जाने की बात कह रहे हैं। लेकिन वह किसी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते हैं।    

जगह-जगह प्वाइंट पर बैठाया गया फोर्स 

आग बुझाने के बाद अब पुलिस के अफसरों ने एतियातन के तौर पर पांचों कांप्लेक्सों को चारों ओर से सुरक्षा घेरे में ले लिया है। जगह-जगह कांप्लेक्सों के बाहर पांच से सात पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। क्योंकि एनडीआरएफ व एसडीआरएफ ने कांप्लेक्सों की स्थिति बहुत खराब बताकर गिरने की बात कही थी। इस दौरान कई बाहरी लोग वहां पहुंचकर जली बिल्डिंगों की मोबाइल से फोटो कैद करने लगे। जिसके बाद उन्हें वहां से भगा दिया गया। कोई भी बाहरी व्यक्ति यहां नहीं पहुंच सका। सीओ अनवरगंज सृष्टि सिंह थोड़ी-थोड़ी देरी में सारे प्वाइंटों को चेक कर रहीं थीं।   

नफीस टावर में उठी आग, तुरंत पाया काबू

करीब पौने बारह बजे के आसपास अग्निकांड स्थल पर हालात बिल्कुल सामान्य थे। इस दौरान अचानक नफीस टावर के पीछे दुकान में चिंगारी आग भड़क गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन दमकल की एक गाड़ी से पानी डालकर दस मिनट पर काबू पा लिया गया। इसके बाद टीम को हमराज कांप्लेक्स में धुआं उठता दिखा लेकिन जब तक टीम पहुंच तब तक बुझ गया। आग लगने की जानकारी होने पर कुछ व्यापारी वहां पहुंच गए, लेकिन उससे पहले आग बुझा दी जा चुकी थी। 

शापिंग कांप्लेक्सों के आसपास हुई साफ-सफाई

थोक कपड़ा बाजार में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मौके पर पानी, कपड़े, गत्ते से फैली भीषण गंदगी के बाद जिला प्रशासन ने साफ-सफाई कराई। मौके पर करीब आधा सैकड़ा कर्मचारियों ने पांचों कांप्लेक्स के चारों ओर साफ-सफाई कराई और कूड़ा नगर निगम की गाड़ी से उठवाया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने अरजन टावर, एआर टावर, मसूद कांप्लेक्स, हमराज कांप्लेक्स व नफीस टावर के आसपास चूने का छिड़काव किया।   

अग्निशमन गाड़ियों के फैले पाइप समेटे जाने लगे

आग पर पूरी तरह से काबू पाने के बाद अब अग्निशमन की गाड़ियां वापस जाने लगी है। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि आग बुझाने के लिए 60 से 100 दमकल गाड़ियां कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर, कानपुर देहात, कन्नौज, रायबरेली, लखनऊ व तीन हाईड्रोलिक मशीन लखनऊ, प्रयागराज व आगरा से मंगाई गईं थी। जिनमें 30 से ज्यादा दमकल गाड़ियों व दो हाईड्रोलिक मशीनों को वापस भेज दिया गया है। आग की घटना शांत होने के बाद मंगलवार को दमकल कर्मचारियों कांप्लेक्स व टावरों के बाहर फैले पड़े पाइपों को समेटते रहे। 

दिनभर लगा रहा व्यापारियों का जमावड़ा

अरजन टावर, एआर टावर, मसूद कांप्लेक्स, हमराज कांप्लेक्स, सुपर हमराज व नफीस टावर में लगी आग बुझने के बाद से मदद और दुकान की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मंगलवार को दिनभर दर्जनों व्यापारियों को जमावड़ा लगा रहा। कैंप कार्यालय में बैठकर पीड़ित व्यापारियों की सूची बनाने का काम किया गया। यह सूची बुधवार को प्रशासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे मदद के लिए सरकार से मांग की जाएगी। 

बिल्डिंगों के पास जाने से रोकने के लिए अनाउंसमेंट

व्यापारी बार-बार अपनी दुकानों को देखने के लिए  अरजन टावर, एआर टावर, मसूद कांप्लेक्स, हमराज कांप्लेक्स व नफीस टावर के पास जा रहे थे। उनका कहना था कि केवल एक झलक उन्हें दुकान की मिल जाए तो पूरी संतुष्टि हो जाएगी। लेकिन वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने माइक अनाउंसमेंट करके अंदर जाने से मना कर दिया। जिसके बाद व्यापारियों ने काफी बार जाने का प्रयास किया लेकिन उनकी एक न चल सकी।  

पानी से भरे पड़े कांप्लेक्सों के बेसमेंट 

अरजन टावर, एआर टावर, मसूद कांप्लेक्स, हमराज कांप्लेक्स, नफीस टावर व सुपर हमराज में भीषण आग लगने के बाद लगातार काबू पाने के लिए चार दिनों में लाखों लीटर पानी इस्तेमाल किया गया। जिसके बाद इन कांप्लेक्स और टावरों के बेसमेंटों में पानी भर गया है। बेसमेंट में कूड़ा कचरा जाने की वजह से नाली पूरी तरह से चोक हो गई है। भभकती इमारतों में किसी के न घुस पाने के कारण आग तो बुझा दी गई लेकिन उसमें भरा पानी नहीं निकाला जा सका है। जिससे काफी माल जलने के बाद पानी में सड़ रहा है।     

डीजीएम स्टेट बैंक ने देखा बैंक का हाल

दोपहर करीब दो बजे स्टैटबैंक के डीजीएम नीलेश द्विवेदी व जीएम रत्न तेजा मौके पर अपने बैंक का हाल देखने पहुंचे थे। आग की भयावहता देख उनके होश उड़ गए। बैंक में आग से हुए नुकसान पर उन्होंने कहा कि जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उनका कहना था कि आग की चपेट में बैंक आया था। लेकिन लॉकर रूम में आग के पहुंचने से पहले एनडीआरएफ व सेना के जवनों ने आग पर काबू पा लिया। 15 मिनट तक रुकने के बाद वह वापस रवाना हो गए। 

मुख्य सचिव व मंत्री के आने की सूचना पर तैनात रहा प्रशासन

अग्निकांड पीड़ितों से मिलने के लिए मौके पर आने की सूचना पर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा व मंत्री नंदी गोपाल नंदी को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया। मौके पर संयुक्त पुलिस आयुक्त, कई एसीपी, थानों का फोर्स व पीएसी तैनात कर दी गई। शाम सात बजे तक दोनों के न पहुंचने पर पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली।

संबंधित समाचार