बाराबंकी : 10 करोड़ ईपीएफ का रुपया लेकर कंपनी फरार
बाराबंकी, अमृत विचार। बिजली विभाग को संविदा कर्मी मुहैया कराने वाली कंपनी फरार हो गई है। आरोप है कि कंपनी अपने साथ बिजली कर्मचारियों के ईपीएफ का पैसा भी लेकर गई है। बिजली विभाग में संबंधित कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। जिले में बिजली विभाग के 976 संविदा कर्मी तैनात हैं।
बिजली विभाग को संविदाकर्मी मुहैय्या कराने वाली मैसर्स ओरियन सिक्योरिटी साल्युशन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी विद्युत संविदाकर्मियों का करोड़ो रूपया घालमेल कर फरार हो गई। विद्युत विभाग द्वारा कम्पनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। लेकिन अभी तक प्राथमिकी नहीं दर्ज कराई है। मैसर्स ओरियन सिक्योरिटी साल्युशन प्राइवेट लिमिटेड विद्युत विभाग में कुछ जिलों में संविदाकर्मी उपलब्ध कराती थी। जिनमें बाराबंकी, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, सुल्तानपुर शामिल हैं।
दरअसल, विद्युत वितरण मंडल में 4923 संविदा कर्मचारियों का अनुबंध 2019 में पूरा हो गया था। जिसमें इन कर्मचारियों का वेतन समेत अन्य आवश्यक भुगतान संबंधी देयक दिया जाना था। इस कम्पनी द्वारा बाराबंकी में 976 संविदाकर्मी रखे गये थे। भुगतान न मिलने पर पूर्व में कई बार संविदाकर्मियों ने प्रदर्शन भी किया था। जिस पर विभागीय अधिकारियों ने जांच कराई तो पाया कि, करीब 22 करोड़ का घपला कर कम्पनी के पदाधिकारी विभागीय अधिकारियों को चूना लगा गये।
इस संदर्भ में अधिशासी अभियंता अंशुमान यादव ने बताया कि कंपनी से अभी हाल ही में कर्मचारियों को 2 महीने का वेतन दिलाया गया है। ईपीएफ का पैसा ना जमा करने के कारण उसकी जमानत धनराशि जप्त कर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को करनी है।
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