प्रयागराज : उमेश पाल हत्याकांड की एक कड़ी नैनी जेल में मिली, जेल अधीक्षक निलंबित

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार। 24 फरवरी को धूमनगंज में उमेश पाल की हत्या की घटना के बाद जब मामले की जांच आगे बढ़ी तो कई खुलासे हुए। सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब सामने आया जब इस घटना की साजिश में नैनी सेंट्रल जेल का नाम आया। जांच में खुलासा होने के बाद डीजी जेल ने तीन जेल अधीक्षको को निलंबित कर दिया। जिसमें प्रयागराज नैनी सेंट्रल जेल के अधीक्षक का नाम भी शामिल है।

बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड के मामले में जब जांच शुरू की गई तो साबरमती जेल और मुस्लिम हॉस्टल का नाम आया था। जब जांच आगे बढ़ी तो एक नया खुलासा सामने आया। पूरी घटना की साजिश साबरमती जेल से लेकर बरेली जेल और प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से रची गई । जांच में ये भी पता चला कि उमेश पाल की हत्या को हरी झंडी गुजरात की साबरमती जेल में बंद अतीक़ अहमद ने दिखाई थी। जिसके बाद अशरफ में बरेली जेल में रहकर हत्या कैसे अंजाम देना है, इसका खाका खींचा और नैनी सेंट्रल जेल में बंद आतिक अहमद के बेटे अली ने मास्टर प्लान तैयार किया।

लेकिन अब योगी सरकार जेल से अपराधियों के गैंग ऑपरेट करने को लेकर सख्त हो गई है । सरकार ने अब जेल में अपराधियों को जेल मैनुअल के हिसाब से रखने का प्लान तैयार कर लिया है । जिसमें सबसे पहले जेल के भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी की गई है। इसी कड़ी में मंगलवार को डीजी जेल एस. एन.साबत ने बांदा जेल के अधीक्षक अविनाश गौतम, नैनी जेल  के वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह, बरेली जेल के अधीक्षक राजीव शुक्ला को निलंबित कर दिया है।

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