चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन आरोप में बोम्मई के सचिव पर मामला दर्ज 

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Edited By Amrit Vichar
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बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के राजनीतिक सचिव एम.पी. रेणुकाचार्य पर चुनावी नियमों का उल्लंघन करने का मामला दर्ज हो गया और इस मामले में उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। रेणुकाचार्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 171-ई और 171-आई के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन पर चुनाव के संबंध में किए गए खर्च का हिसाब नहीं रखने और रिश्वतखोरी आरोप लगा है। उल्लेखनीय है कि आईपीसी की धारा 171-ई में कहा गया है कि जो कोई भी रिश्वतखोरी का अपराध करता है, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी, जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है या उस पर जुर्माना या उसे सजा के साथ जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। वहीं आईपीसी की धारा 171-I

में कहा गया है कि जो कोई व्यक्ति भी उस समय लागू किसी भी कानून या कानून के बल वाले किसी नियम के लिए आवश्यक है कि वह चुनाव में या उसके संबंध में किए गए खर्चों का लेखा-जोखा रखने में विफल रहता है, उसके खिलाफ 500 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। रेणुकाचार्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यह पाया गया कि लगभग 250 मतदाता संगठित थे और वे मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे।

वे प्रतिभागियों के लिए गुरुराज कल्याण मंतपा के भोजन कक्ष में भोजन की व्यवस्था कर रहे थे। प्राथमिकी में कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने अपनी टीम के साथ शिवाजीनगर के निर्वाचन अधिकारी बसवाराजू के संज्ञान में यह मामला लाया है। रेणुकाचार्य को इस तरह के आयोजन के लिए चुनाव अधिकारियों से अनुमति नहीं मिली। इसमें यह भी कहा गया है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण पुलिस द्वारा कई बार भाषण रोकने के लिए कहने के बाद भी  बोम्मई के राजनीतिक सचिव ने कार्यक्रम को संबोधित करना जारी रखा।

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