संसद के मानसून सत्र के लिए कांग्रेस की वर्चुअल भागीदारी की अपील
नई दिल्ली। कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि कोविड- 19 महामारी के मद्देनजर सदस्यों को संसद के आगामी मानसून सत्र में वर्चुअल तौर पर भाग लेने की अनुमति दें। गौरतलब है कि संसद की कार्यवाही जल्द शुरू होने वाली है, ऐसे में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन …
नई दिल्ली। कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि कोविड- 19 महामारी के मद्देनजर सदस्यों को संसद के आगामी मानसून सत्र में वर्चुअल तौर पर भाग लेने की अनुमति दें। गौरतलब है कि संसद की कार्यवाही जल्द शुरू होने वाली है, ऐसे में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पत्र में कहा कि नियमों के अनुसार, मानसून सत्र जल्द ही आयोजित किया जाएगा, क्योंकि संसद में दो सत्रों के बीच का अंतराल छह महीने की अवधि से अधिक नहीं हो सकता है।
पत्र में लिखा है, “हम सभी यह देख रहे हैं कि देशभर में महामारी से कोई राहत नहीं मिल रही है। इन परिस्थितियों में मैं आपको एक सुझाव देना चाहता हूं कि सदस्यों को एक ऐप या कोई लिंक उपलब्ध कराया जाना चाहिए (जैसे सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में होता है)। जो सदस्य शारीरिक रूप से सदन में उपस्थित नहीं हो सकते, उन्हें ऐप के माध्यम से बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।”
चौधरी ने पत्र में लिखा, “मुझे लगता है कि हर दिन कोविड-19 के मामले बढ़ते जा रहे हैं, और सितंबर तक दैनिक मामलों की संख्या 70,000 का आंकड़ा भी छू लेगी, इस परिस्थिति में यह सुविधा बहुत आवश्यक है।” इसी तरह का एक पत्र कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी राज्यसभा के सभापति और भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू को लिखा है, जिसमें उन्होंने वर्चुअल भागीदारी की अनुमति देने का आग्रह किया है।
चिदंबरम ने संसद सत्र आयोजित करने के निर्णय का स्वागत करते हुए लिखा, “आप इस बात से सहमत होंगे कि जब राज्यसभा के करीब 245 सदस्य एक जगह एकत्र होंगे और करीब 300 अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी उपस्थिति होंगे तो ऐसे में वायरस के प्रसार से बचना लगभग असंभव है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे डर है कि यह आशंका कई सदस्यों को सदन के प्रस्तावित सत्र में शारीरिक रूप से भाग लेने से हतोत्साहित करेगी।”
