बाजपुरः दो वक्त की रोटी की जुगाड़ के लिए कूड़ा बीन रहे नौनिहाल हो जाते हैं नशे के आदी 

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Edited By Amrit Vichar
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बाजपुर, अमृत विचार। एक तरफ सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में प्रवेश महोत्सव मनाया जा रहा है, पूरे प्रदेश में प्रवेश महोत्सव के लिए पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। वहीं, यहां के कुछ बच्चे कूड़ा बीनकर अपने लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करते देखे जा सकते हैं।

शिक्षा महानिदेश बंशीधर तिवारी द्वारा सरकारी स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2023-24 में छात्र नामांकन तथा प्रवेशोत्सव के संबंध में पांच अप्रैल को आदेश जारी कर 11 अप्रैल को पूरे प्रदेश में प्रवेशोत्सव मनाए जाने के आदेश दिए हैं। इस दिन 27 मार्च से अब तक हुए प्रवेशों की समीक्षा के साथ ही अभिभावकों तक पहुंचकर अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों मे प्रवेश दिलाने के लिए रैलियां निकाली जाएंगी। 

शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को सरकारी स्कूलों में लाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू कराने हेतु अधिकारियों की भी तैनाती ब्लॉक स्तर पर की गई है। 

जिसमें रामनगर में निदेशक माध्यमिक/अकादमिक, निदेशक माध्यमिक शिक्षा वंदना गर्व्याल बागेश्वर, सहायक निदेशक एससीईआरटी मुकेश सेमवाल सितारगंज, सीईओ रमेशचंद्र आर्य मुख्यमंत्री के क्षेत्र खटीमा में, एससीईआरटी के उपनिरीक्षक सैलेश अमोली बाजपुर, विक्रम सिंह नेगी जसपुर, उपराजपत्रित अधिकारी समग्र शिक्षा मदनमोहन जोशी, महानिदेशालय में उपनिरीक्षक जगमोहन सौनी को काशीपुर अपरनिदेशक प्राथमिक शिक्षा कुमाऊं अजय नौटियाल को गदरपुर का प्रभारी बनाया गया है। 

जो अपनी रिपोर्ट विकास खंड स्तर पर सीईओ, जिला स्तर पर मंडलीय कार्यालय व मंडल स्तर से निदेशालय को जाएगी। इस कवायद में जनप्रतिनिधयों को भी शामिल किया गया है। उनसे भी अपने-अपने क्षेत्र के बच्चों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश कराने को कहा गया है। 

कुछ बच्चे सड़कों पर पड़े कूड़े से प्लास्टिक की बोतलें, गत्ता आदि बीनकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे बच्चों ने कभी स्कूल नहीं देखा और न ही किसी एनजीओ, नेता, समाजसेवी ने इन पर ध्यान दिया है, जबकि कूड़े बीनते-बीनते यह बच्चे कब नशे के आदी हो जाते हैं उन्हें खुद पता नहीं रहता है।

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