बदायूं: बड़े सरकार के उर्स में पहुंचे हजारों जायरीन, अकीदत में डूबे जायरीन ने दरगाह ए पाक पर किया सलाम
बदायूं, अमृत विचार। सैयदा फातिमा जहरा के लगते जिगर, शेरे खुदा के लखते जिगर, शेरे खुदा के नूरे नजर, इमाम हसन के दिलबर, औलादे इमाम हुसैन, काज़ी हमीद उद्दीन नागौरी के खलीफा ए अव्वल, सुल्ताने बदायूं, ख्वाजा ए ख्वाजगां ख्वाजा सैयद हसन शेख शाही रतनताब, रोशन जमीर, सुल्तानुल आरफीन बड़े सरकार रहमतुल्ला अलेह नसबंदी सोहर वर्दी चिश्ती कादरी हनफी हुसैनी बदायूनी रहमतुल्ला अलैह का उर्स रविवार को शुरू हुआ।
इसमें जायरीन ने हजारों की संख्या में दरगाह बड़े सरकार पर हाजरी दी और गुलपोशी व चादरपोशी कर मन्नतें मांगी। उर्स के मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। हजरत छोटे सरकार के उर्स समापन के बाद से बड़े सरकार की दरगाह ए पाक पर हजारों की तादाद में जायरीन का आना जाना लगा हुआ है। रविवार को उर्स में बड़े मेले का आयोजन किया गया। सुबह को फातिहा और कुरान ख्वानी के बाद दोपहर में लंगर का आयोजन हुआ।
जायरीन ने में लंगर तक्सीम किया गया। अपने दिलों में अपार श्रद्धा लेकर पहुंच रहे जायरीन दरगाह ए पाक पर चादरपोशी कर अपनी झोली फैला कर सरकार से मन्नते मांग रहे हैं। जायरीन का कहना है कि बड़े सरकार की दरगाह पर अल्लाह की खास रहमत बरसती है। इनके यहां से कभी कोई खाली हाथ वापस नहीं जाता।
सुल्तान आरफीन रहमतुल्लाह अलैहि अपने परिवार के साथ शाही ठाट बाट छोड़ कर यमन से तशरीफ लाए थे और इन्होंने अपनी सारी ज़िंदगी अल्लाह की राह में और खुदा के बंदों की खिदमत करने में गुज़र कर दी। यहां लोग अपनी तकलीफों से निकट पाने के लिए बारहो महीने सभी धर्मों के अकीदतमंदो का आना लगा रहता है। सरकार के दर से शिफा बंटती रहती है। यूं तो यहां दुकानें हमेशा लगी रहती है मगर उर्स के खास मौके पर पूरा बड़ा मेला लग जाता है।
रविवार को उर्स के मौके पर सुबह सामूहिक सहरी खाई गई और रोज़ा रखा गया। फिर दिन भर चादरपोशी, गुल पोशी का सिलसिला चलता रहा, लोग रो रोकर दुआयें मांगते रहे।शाम को सामूहिक रोजा इफ्तार कराया गया। रात होते ही सारा क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठा। इस नूरानी शाम को कव्वाल हज़रात ने सरकार की शान में एक से बढ़कर एक कलाम पेश कर उसे दोगुना कर दिया।
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