Banda: झोपड़ी में लगी आग, 10 माह की मासूम चढ़ी भेंट, सरकार की ओर से नहीं हुआ था आवास आवंटित, पढ़ें- दर्दनाक घटना

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Edited By Amrit Vichar
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बांदा में झोपड़ी में आग लगने से 10 माह की मासूम की झुलसकर मौत।

बांदा में झोपड़ी में आग लग गई। आग लगने से 10 माह की मासूम की झुलसकर मौत हो गई। आग की चपेट में आने से मां भी बुरी तरह से झुलस गई। गरीबी के चलते झोपड़ी में रहकर गुजारा कर रही थी।

बांदा, अमृत विचार। झोपड़ी में आग लग जाने से 10 माह की मासूम बच्ची समेत उसकी मां बुरी तरह से जल गईं। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। बच्ची की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने बच्ची को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया, जहां पर इलाज के दौरान मध्य रात्रि बच्ची की मौत हो गई।

कोतवाली क्षेत्र के गोरेपुरवा अंश नसेनी गांव में रविवार शाम अज्ञात कारण के चलते शहीद की झोपड़ी में अचानक आग लग गई। उस वक्त झोपड़ी में शहीद की पत्नी सरबरी (33) व उसकी 10 माह की मासूम बच्ची मौजूद थीं। आग की चपेट में आ जाने से मां-बेटी गंभीर रूप से जल गईं। दोनों को इलाज के लिये आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थ केंद्र नरैनी में भर्ती कराया गया। बच्ची की हालत नाजुक होने के कारण यहां के डॉक्टरों ने उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के लिये रेफर कर दिया।

रविवार मध्य रात्रि इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया। इस अग्निकांड में महिला की गृहस्थी का सारा समान भी जलकर स्वाहा हो गया। बताया जा रहा है कि आग लगते ही मोहल्लेवासियों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। गरीबी के चलते महिला गांव में कई सालों से झोपड़ी बनाकर रह रही है। क्योंकि अभी तक सरकारी की ओर से उसे आवास आवंटित नहीं किया गया है।

गरीबी के कारण ही महिला का पति मुंबई में मजदूरी करता है। रात ही में मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल ने मौका मुआयना करने के बाद आर्थिक मदद की। साथ ही ग्राम प्रधान ने कोटेदार से कहकर 20 किलो गेहूं और 20 किलो चावल दिलाया और आगे भी मदद करवाने की बात कही।

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