यज्ञ सम्राट कनक बिहारी दास के निधन पर अयोध्या में शोक
खालसा चौक से जुड़े थे कनक बिहारी दास, राम मंदिर के लिए दिया था एक करोड़ चंदा
अयोध्या,अमृत विचार। मध्य प्रदेश के नोनी छिंदवाड़ा आश्रम के महंत यज्ञ सम्राट कनक बिहारी दास के निधन की सूचना पर अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गई। वह रामनगरी स्थित पंच तेरह भाई त्यागी खालसा चौक से जुड़े थे और राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ 11 लाख रूपये दान दिया था। रघुवंशी समाज से जुड़े वह वर्तमान में जन्मभूमि पर निर्माणाधीन राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर अगले वर्ष 2024 के फरवरी माह में प्रस्तावित 9009 कुंडीय यज्ञ की तैयारी में जुटे थे।
बताया गया कि प्रस्तावित यज्ञ की तैयारी में जुटे महंत कनक बिहारी दास सोमवार की सुबह सागर-नरसिंह राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के रास्ते अपने एसयूवी वाहन से अशोकनगर से वापस छिंदवाड़ा स्थित आश्रम जा रहे थे कि एक दोपहिया सवार को बचाने में उनका वाहन नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र स्थित समरी के पास डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गया था। हादसे में महंत और उनके शिष्य विश्राम रघुवंशी की मौके पर ही मौत हो गई ,जबकि वाहन के चालक रूपलाल को उपचार के लिए गंभीर हाल में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
दिवंगत महंत से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका रामजन्मभूमि आंदोलन से गहरा नाता था और मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग के साथ धार्मिक अनुष्ठान में जुटे रहते थे। विश्व हिन्दू परिषद् से जुड़े शरद शर्मा का कहना है कि यज्ञ सम्राट का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनसे जुड़े साधू-संतों में हादसे में निधन को लेकर शोक है।
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