अमरोहा : 16 साल पहले हाईवे जाम करने में सात लोगों को तीन-तीन साल की सजा
अदालत ने सभी पर 26,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया, मुकदमें की सुनवाई के दौरान एक आरोपी की हो चुकी है मौत
अमरोहा, अमृत विचार। 16 साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले सात दोषियों को अदालत ने तीन-तीन साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही सभी पर 26,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस समय सभी आरोपी जमानत पर थे। मुकदमें की सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
गजरौला थाना क्षेत्र में आठ मई 2007 को गांव भीकनपुर सुमाली निवासी राजाराम को ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी थी। घायल को उस समय उपचार के लिए मेरठ ले जाया गया,जहां उसकी मौत हो गई थी। परिजन शव लेकर गजरौला पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने चले गए। पुलिस ने इस मामले में हरकिशन की तहरीर पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में गजरौला में ही चौपला पर अचानक भीड़ जमा हो गई और मृतक राजाराम के परिजनों की इच्छा के खिलाफ कुछ लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया था।
राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में तत्कालीन थाना अध्यक्ष हरपाल सिंह ने सुल्ताननगर निवासी धर्मेंद्र, भीकनपुर निवासी ओमपाल, नवादा निवासी अंतराम, महेंद्र सिंह,विशेष, सुल्ताननगर निवासी अलीशान, मोहनुददीन उर्फ पप्पी, संजीव, रवि, सुरेश, छोया निवासी राजू, रोहित, ओमवीर, चौपला निवासी अरविंद, रवि कुमार, जुल्फी, मोनू, सिहाली जागीर निवासी अशफाक अली, लिसड़ी निवासी रईस, मोहरका पट्टी निवासी मुबारक, अल्लीपुर निवासी शब्बू समेत 125 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने विवेचना कर धर्मेंद्र, ओमपाल, अंतराम, महेंद्र सिंह,विशेष, अलीशान, मोहनुददीन और सोनू के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इन सबको पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे के दौरान गजरौला के मोहल्ला आजाद नगर निवासी सोनू की मौत हो गई। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी सात आरोपियों को दोषी करार दिया और तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही 26,500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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