बरेली: न थर्मल स्क्रीनिंग न दो गज की दूरी, घबरा गए अधिकारी
बरेली, अमृत विचार। वैश्विक महामारी (कोविड-19) में भीड़ एकत्र होने वाले कार्यक्रमों पर शासन से रोक लगी है लेकिन शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में शासन की गाइडलाइन तार-तार हो गई। 300 बेड हॉस्पिटल के लिए डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती करने को निकाली गई विज्ञप्ति पढ़कर नौकरी के लिए युवाओं की इतनी भीड़ उमड़ी …
बरेली, अमृत विचार। वैश्विक महामारी (कोविड-19) में भीड़ एकत्र होने वाले कार्यक्रमों पर शासन से रोक लगी है लेकिन शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में शासन की गाइडलाइन तार-तार हो गई। 300 बेड हॉस्पिटल के लिए डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती करने को निकाली गई विज्ञप्ति पढ़कर नौकरी के लिए युवाओं की इतनी भीड़ उमड़ी कि संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर अफसर और कर्मचारी तक घबरा गए।

कोविड नियमों का रत्तीभर भी बचाव नहीं हुआ। जल्द इंटरव्यू कराने के चक्कर में प्रशासन भी लापरवाह दिखा। मुख्य गेट से जो भी अंदर आया। उनमें से एक दो को छोड़कर किसी ने थर्मल स्क्रीनिंग नहीं कराई। न ही लाइनों में दो गज की दूरी का पालन कराया गया। युवा एक दूसरे से चिपके खड़े रहे। धक्का-मुक्की भी हुई। इससे कई बार हंगामा भी हुआ। पुलिस कर्मियों ने सख्ती दिखाई, तब युवा लाइनों में शांत खड़े हुए।

इस दौरान पुलिस कर्मी युवाओं से दो गज की दूरी पर खड़े होने को कहते रहे लेकिन युवा अपनी धुन में मस्त दिखे। मुख्य गेट पर व्यवस्था बनाने के लिए नगर मजिस्ट्रेट, एसीएम प्रथम और एसीएम द्वितीय कुर्सी डाले बैठे रहे। नगर मजिस्ट्रेट ने माइक पकड़कर कई बार शांति बनाने की अपील की। इसके साथ गेट के बाहर खड़े लोगों को काम के सिलसिले से सोमवार को आने की बात कही।

मंगलवार शाम या बुधवार सुबह तक जारी होगा परिणाम
300 बेड हॉस्पिटल को कोविड-एल टू बनाकर संचालित कराने के लिए 123 पदों को भरा जाना है। इतने पदों के लिए 1336 लोग इंटरव्यू देने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इंटरव्यू के दौरान युवाओं से प्रार्थनापत्र के साथ उनके शैक्षिक प्रमाणपत्र की कॉपी भी जमा कराई गई। पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होकर इंटरव्यू शाम करीब 5.30 बजे तक चले। अभी इंटरव्यू के परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि मंगलवार की शाम या बुधवार सुबह तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
कई मेडिकल स्टोर संचालक भी इंटरव्यू देने आए
कई फार्मासिस्ट खुद का मेडिकल स्टोर भी चलाते हैं। पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती निकली तो वे भी कलेक्ट्रेट में इंटरव्यू देने पहुंच गए। इसमें एक फार्मासिस्ट नौकरी करने के लिए इतना बेताब दिखा कि भर्ती के लिए सेटिंग कराने की बात कहने लगा।
भूखे प्यासे घंटों फर्श पर बैठी रहीं युवतियां व महिलाएं
अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीके सिंह ने एक वरिष्ठ चिकित्सक के साथ अपने कक्ष में स्टाफ नर्स समेत अन्य पदों के लिए इंटरव्यू किए। एक युवती के इंटरव्यू में करीब छह से सात मिनट लग रहे थे। इससे बड़ी संख्या में युवतियां व महिलाएं लाइन में लग गईं। अपना नंबर आने का इंतजार करने के लिए युवतियां हाथ में कागजात दबाए भूखे-प्यासे कई घंटे तक फर्श पर बैठी रहीं।

कई वकीलों से अफसरों की नोकझोंक
इंटरव्यू देने के लिए युवाओं की इतनी भीड़ कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हो गई कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए अफसरों को मुख्य गेट में ताला डालना पड़ा। इस दौरान कई अधिवक्ता विभिन्न मामलों में आज की तारीख निर्धारित होने पर अंदर आना चाह रहे थे। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने साफ कहा कि आज कोई तारीख नहीं मिलेगी। सोमवार को आना। अधिवक्ता मानने को तैयार नहीं थे। इस दौरान काफी देर तक अफसरों से नोकझोंक भी हुई।
अधिकारियों को नहीं था मालूम, आज इंटरव्यू हैं
नगर मजिस्ट्रेट मदन कुमार, एसीएम प्रथम रोहित सिंह और एसीएम द्वितीय अरुणमणि त्रिपाठी व्यवस्था बनाने के लिए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर तैनात रहे। इस दौरान पूछने पर सभी अफसर बोले, उन्हें सुबह तक नहीं मालूम था कि आज कलेक्ट्रेट में इंटरव्यू हैं। कलेक्ट्रेट आने पर जब भीड़ देखी तो हैरान रह गए। जानकारी की तब उन्हें 300 बेड हॉस्पिटल के लिए भर्ती होने की जानकारी हुई। अफसरों का साफ कहना था कि पहले से इंतजाम किए गए होते तो इंटरव्यू के लिए दिक्कतें नहीं होतीं।

