बरेली: कोरोना काल में नौकरी गई तो मिलेगा तीन माह के वेतन का 50 प्रतिशत बेरोजगारी भत्ता

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बरेली,अमृत विचार। कोरोना महामारी के दौरान जॉब खोने वाले कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआइसी) तीन माह के औसत वेतन का 50 प्रतिशत बेरोजगारी भत्ता देगा। ईएसआइ में पंजीकृत कर्मचारी नौकरी जाने की स्थिति में सीधे निगम की शाखा पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। 30 दिन के अंतराल में भत्ते भुगतान की प्रक्रिया …

बरेली,अमृत विचार। कोरोना महामारी के दौरान जॉब खोने वाले कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआइसी) तीन माह के औसत वेतन का 50 प्रतिशत बेरोजगारी भत्ता देगा। ईएसआइ में पंजीकृत कर्मचारी नौकरी जाने की स्थिति में सीधे निगम की शाखा पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। 30 दिन के अंतराल में भत्ते भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी।

शुक्रवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई ईएसआइसी की बैठक में यह निर्णय हुआ है। इससे निजी क्षेत्र में नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

ईएसआइसी, जिसे आमतौर पर ईएसआइ कहा जाता है, वो केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का ही एक विभाग है। इसके अंतर्गत ‘अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना’ संचालित है। इसी के अंतर्गत बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। पहले बेरोजगारी की स्थिति में वेतन का 25 प्रतिशत भत्ता दिए जाने की व्यवस्था थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। दूसरा-पहले बेरोजागार होने के 90 दिन बाद भत्ते के लिए आवेदन का प्रावधान था।

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आवेदन की समयसीमा 60 दिन घटाकर 30 दिन कर दी गई है। यानी नौकरी जाने के 30 दिन बाद भत्ता के लिए आवेदन कर सकते हैं। दरअसल, अटल बीमा कल्याण योजना जो 30 जून को समाप्त हो चुकी थी, उसका समय एक साल बढ़ा दिया गया है। अब यह योजना जून 2021 तक रहेगी। बैठक में श्रम मंत्रालय और निगम के अधिकारियों के अलावा नियोक्ता प्रतिनिधि शामिल रहे।

किस आधार पर मिलेगा भत्ता
निजी कंपनियों में कार्यरत रहे कर्मचारी का ईएसआई से कम से कम दो वर्ष से जुड़ा होना आवशयक है। दूसरा-उन्हीं लोगों को लाभ मिलेगा जो 31 मार्च तक इस स्कीम से जुड़े रहे हैं। दूसरा 31 मार्च तक उन्होंने न्यूनतम 78 दिनों तक कार्य किया हो। इस स्थिति में कर्मचारियों को अपने नियोक्ता से भी अब फॉर्म फॉरवर्ड कराने की आवश्यकता नहीं होगी। वह सीधे आवेदन कर सकेंगे।

कर्मचारियों के वेतन से कटता ईएसआइ फंड
ईएसआइसी में पंजीकृत कर्मचारियों को बीमारी की स्थिति में इससे पंजीकृत निजी अस्पतालों में निशुल्क उपचार मिलता का लाभ मिलता है। हालांकि इसके एवज में कर्मचारी के वेतन का 0.75 प्रतिशत अंश कटता है, जबिक 3.25 प्रतिशत धनराशि नियोक्ता यानी कंपनी देती है। इस तरह कर्मचारी के वेतन का चार फीसद ईएसआइसी फंड में जाता है।

पंजीकृत अस्पतालों में 10 प्रतिशत आइसीयू बेड
ईएसआइसी में पंजीकृत सभी अस्पतालों में कोरोना महामारी से निपटने के लिए 10 प्रतिशत बेड आइसीयू के रूप में तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा आइसोलेशन और क्वारंटाइन बेड्स की व्यवस्था होगी।

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