नगर निकाय चुनाव : मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे राजधानीवासी
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश की राजधानी है लखनऊ, लेकिन आज भी कई इलाके ऐसे हैं जहां पर मूलभूत सुविधाओं का आभाव है। जो कि लोगों के लिए समस्या का सबब बना हुआ है। आरोप है कि जनप्रतिनिधि साफ-सफाई और सड़कों के निर्माण का वादा तो करते हैं,लेकिन उन वादों को पूरा नहीं करते। कई इलाकों में जल निकासी और पीने के पानी की दिक्कत है। बरसात में स्थितियां और भी खराब हो जाती हैं। उन्हीं में से एक वार्ड है भवानीगंज वार्ड है, जो पहले शीतला देवी का हिस्सा हुआ करता था।
स्थानीय निवासियों की माने तो भवानीगंज वार्ड स्थित पुराना टिकैतगंज क्षेत्र के बैरागी टोला में मूलभूत सुविधायें भी आम लोगों को ठीक से नसीब नहीं हो पा रही हैं। इस क्षेत्र के प्रमुख समस्याओं की बात करें तो पीने का शुद्ध पानी, नालियों की सफाई व्यवस्था हासिये पर है। आरोप तो यहां तक हैं कि सफाईकर्मियों की मनमानी लोगों पर भारी पड़ रही है। इस समस्या से कई हजार आबादी प्रभावित है। बिजली तारों के मकड़जाल हादसे को दावत दे रहे हैं। जगह- जगह नालियों का चोक होना लोगों के परेशानी का सबब बनता जा रहा है। गंदगी के चलते मच्छर भी इलाके में खूब पनपते हैं। जो बीमारियों का कारण बनते हैं।
कई जगहों पर शौचालय की गंदगी नालियों में बह रही है। इसके अलावा कुछ जगहों पर जलभराव की दिक्कत सालों से बनी हुई है। स्थानीय लोगों की माने तो चुनाव के समय में जन प्रतिनिध वोट मांगने आते हैं, उस समय जन समस्याओं को दूर कराने का वादा भी करते हैं, लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद फिर दोबारा उस समस्या के बारे में बात करना मुनासिब नहीं समझते हैं। एक बार फिर नगर निकाय चुनाव का दौर चल रहा है तो चुनाव मैदान मे उतरे लोग वादा तो कर रहे हैं,लेकिन पूरा कितना कराते हैं यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।
स्थानीय निवासी अनिल की माने तो इस इलाके में सड़कों की दिक्कत जगह - जगह पर है, बीते 30 साल में एक बार यहां की सड़क बनी थी। उसके बाद सड़क का निर्माण तक नहीं हुआ। इस इलाके की पार्षद ने कार्यो के लिए उद्घाटन भी कराया, लेकिन वह कार्य शुरू नहीं हो पाये।
शगुन ने बताया कि बरसात के समय उनके घर में जलभराव हो जाता है। सफाई कर्मी समय पर आते नहीं हैं कूड़े कभी कभार ही उठता है,नालियां चोक रहती हैं। पार्षद ध्यान नहीं देते हैं। स्थानीय निवासी अहमद मलिक बताते हैं कि उनके इस इलाके में सफाई व्यवस्था की बड़ी समस्या है। सफाईकर्मी सुनते नहीं है। कूड़ा पड़ा रहता है, जिससे बीमारियों की भरमार रहती है।
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