बरेली: नेपाल के पश्चिमी विश्वविद्यालय और रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने किया एमओयू
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति कुछ दिन पहले पश्चिमी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में हुए थे शामिल
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह कुछ दिन पहले सुदूर पश्चिमी विश्वविद्यालय महेंद्रनगर, नेपाल के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने नेपाल के प्रधान मंत्री पुष्प कमल दहल "प्रचंड" और सुदूर पश्चिमी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर व शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के मंत्री अशोक कुमार राय से मुलाकात की। इस दौरान दोनों विश्वविद्यालय के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी हुए।
दीक्षांत समारोह में प्रो. केपी सिंह ने विशिष्ट अतिथियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और स्नातक छात्रों को बधाई दी और कहा कि वे अपने विश्वविद्यालय और भारत से प्यार और दोस्ती का संदेश लेकर आए हैं। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच गहरे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला, जिसने आर्थिक संपर्क को सुगम बनाया है और दोनों देशों के बीच विश्वास और समझ की एक मजबूत नींव तैयार की है। उन्होंने कहा कि छात्रों को याद दिलाया कि वे अकेले इस मुकाम तक नहीं पहुंचे हैं, बल्कि उन्हें अपने परिवारों, दोस्तों, प्रोफेसरों और गुरुओं से समर्थन और मार्गदर्शन मिला है।
उन्होंने स्नातक छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग अपने समाज और अपने आसपास की दुनिया की बेहतरी के लिए करें। उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध नेतृत्व के महत्व, दूसरों की जरूरतों के प्रति सहानुभूति और सही के लिए खड़े होने के साहस पर जोर दिया।
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली और सुदूर पश्चिमी विश्वविद्यालय महेंद्रनगर, कंचनपुर नेपाल ने भी इस अवसर पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ज्ञापन दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग के लिए रूपरेखा निर्धारित करता है।
दोनों संस्थानों में विज्ञान, कला, वाणिज्य और कृषि में समान रुचि के कई क्षेत्र हैं और इससे काफी लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस एमओयू को लागू करने के लिए, दोनों पक्षों के बीच सहयोग की निगरानी के लिए प्रत्येक संस्थान से दो नामित एक संयुक्त समन्वय समिति का गठन करेंगे।
प्रत्येक संस्था अपने एक विशेषज्ञ सदस्य को प्रत्येक चिन्हित विषयगत क्षेत्र पर किसी भी सहकारी कार्यक्रम के प्रभारी प्रतिनिधि के रूप में नामित करेगी। प्रत्येक संस्था भारत और नेपाल के कानूनों, नियमों और विनियमों के अनुरूप समझौता ज्ञापन के तहत सहयोग से उत्पन्न बौद्धिक संपदा अधिकारों की उचित सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। किसी भी परियोजना की अंतिम स्वीकृति गारंटीकृत समर्थन निधि की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। ज्ञापन पर एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
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