Kanpur: परिवहन सेवा पर साइबर अटैक, रोडवेज बस में ई-टिकटिंग मशीनों ने काम करना किया बंद, प्रदेश में मचा हाहाकार

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Edited By Amrit Vichar
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उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम पर मंगलवार को साइबर हमला हो गया।

अचानक रोडवेज बसों में ई-टिकटिंग मशीनों ने काम करना बंद किया। परिचालक काफी देर परेशान रहे फिर डिपो को सूचना दी। कानपुर नगर डिपो की साढ़े चार सौ बसों में परिचालकों को मैनुअली टिकट काटने पड़े।

कानपुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम पर मंगलवार को साइबर हमला हो गया। इससे मुख्यालय समेत पूरे प्रदेश में निगम के डिपो में हाहाकार मच गया। हुआ यह कि अचानक रोडवेज बसों में ई-टिकटिंग मशीनों ने काम करना बंद किया। परिचालक काफी देर परेशान रहे फिर डिपो को सूचना दी। थोड़ी ही देर में हर रूट से ऐसी खबरें आने लगीं। इस घटना से मार्गों पर बसों की रफ्तार प्रभावित हो गई। परिचालकों को मैनुअली यात्रियों के टिकट बनाने के निर्देश दिए गए। 

ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर साइबर हमले की आशंका काफी दिनों से जताई जा रही थी। लेकिन मंगलवार शाम इंटरनेट पर हुई शैतानी हरकत ने परिवहन विभाग के अफसरों में खलबली मचा दी। पूरे प्रदेश में रोडवेज बसों में ई-टिकटिंग मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। कानपुर डिपो की 80 फीसदी बसों में ई-टिकटिंग मशीनों के काम करना बंद किए जाने की सूचना मिली। हालांकि रोडवेज के तकनीकी जानकारों ने पहली नजर में इसे सॉफ्टवेयर में आई खराबी बताया लेकिन साइबर अटैक होने से भी इंकार नहीं किया।

परिवहन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक एलके सिंह ने बताया कि कानपुर नगर में 540 बसें हैं। अधिकतर बसों में दो दिन में एक बार सॉफ्टवेयर अपलोड होता है। जिनके दो दिन पूरे नहीं हुए थे, उन बसों के परिचालक की मशीनों में दिक्कत नहीं आ रही है। बाकी 80 फीसदी बसों में मशीन से टिकट बनने बंद हैं।  उन्होंने बताया कि ऐसे में उन बसों के परिचालकों को पुरानी व्यवस्था की तरह मैनुअली टिकट बनाने को कहा गया है।

इसके साथ ही प्रवर्तन दल को भी बसों को रोककर मौके पर सभी सवारियों के टिकट बनवाने और कंडक्टर का सहयोग करने को कहा गया है। ताकि टिकट बनने में विलंब होने से सवारियों को परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि इसको लेकर ई-टिकटिंग साफ्टवेयर के मुंबई मुख्यालय में भी बातचीत हुई है। बताया गया है कि तकनीकी खराबी की वजह से ऐसा हो रहा है।

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि साइबर अटैक की वजह से यह दिक्कत आ रही है। फिलहाल यदि दो से तीन दिन यह दिक्कत रहती है तो टिकट और वे-बिल की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए  क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि एक बस में दो बंडल टिकट और वे-बिल के चार सेट की आवश्यकता रहेगी। इसमें दो सेट वे-बिल के देना अनिवार्य होगा। इस वजह से स्टॉक की रिपोर्ट मांगी गई है। कमी होने पर लखनऊ से यह सामग्री मंगाई जाएगी।

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