बरेली: बिशारतगंज में ट्रेन की टक्कर से 13 गौवंशों की मौत, दो घायल

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली/ बिशारतगंज, अमृत विचार। शुक्रवार देर रात बिशारतगंज के मिर्जापुर में एक दर्दनाक हादसा हुआ। ट्रेन की चपेट में आने से 13 गौवंशों की मौत हो गई। वहीं, दो गौवंश गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले की सूचना मिलते ही भाजपा सांसद मेनका गांधी ने पीपल फॉर एनिमल्स की बरेली टीम को मौके पर …

बरेली/ बिशारतगंज, अमृत विचार। शुक्रवार देर रात बिशारतगंज के मिर्जापुर में एक दर्दनाक हादसा हुआ। ट्रेन की चपेट में आने से 13 गौवंशों की मौत हो गई। वहीं, दो गौवंश गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले की सूचना मिलते ही भाजपा सांसद मेनका गांधी ने पीपल फॉर एनिमल्स की बरेली टीम को मौके पर भेजा। टीम ने मृत गौवंशों को मौके पर ही रेलवे ट्रैक के पास दफना दिया गया। घायल हुए गौवंशों का चौबारी स्थित पशु अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

शुक्रवार देर रात मिर्जापुर गांव के पास रेलवे पुल नौ पर रात करीब 12 बजे चंदौसी से बरेली जा रही एक मालगाड़ी की टक्कर से 13 गौवंशों की मौत हो गई। गांव वालों ने बताया कि हादसे के बाद एक मालगाड़ी काफी देर तक खड़ी रही। शायद गौवंशों को हटाया जा रहा था। रात ज्यादा होने की वजह से कोई भी ग्रामीण मौके पर नहीं पहुंचा। तड़के गांव वाले घटनास्थल पर पहुंचे तो गौवंश कटे पड़े थे। उन्हीं में दो गौवंश बुरी तरह से घायल होने के बाद ट्रैक के पास पड़े कराह रहे थे।

गांव वालों ने तत्काल रेलवे के आला अधिकारियों और आरएसएस व हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों को सूचना दी। सूचना सांसद मेनका गांधी तक सूचना पहुंच गई तो हड़कंप मच गया। एसडीएम आंवला कमलेश कुमार, सीओ रामप्रकाश, तहसीलदार शर्मानंद व पशु चिकित्साधिकारी मौके पर पहुंच गए। चेयरमैन सूरजपाल मौर्य, आरएसएस जिला प्रचारक मुनेंद्र, प्रमुख सुनील, मनीष, नीतू खंडेलवाल, छोटे सिंह, प्रेम शंकर, डॉ. मनोज गुप्ता, जयदीप पाराशरी आदि भी मौके पर पहुंचे।

दफनाया गया ट्रैक के पास
मौके पर पहुंचे आरएसएस और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने हादसे में मृत 13 गौवंशों को जेसीबी की मदद से रेलवे ट्रैक के पास बड़ा सा गड्ढा खोदकर दफना दिया। उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। चर्चा थी कि सुबह तक कई गाय जिंदा थीं। सही समय पर इलाज न मिलने की वजह से कइयों ने दम तोड़ दिया। यदि समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उन्हें बचाया जा सकता था।

पालतू बताई जा रही है गाय
मेनका गांधी के एनजीओ पीपल फॉर एनिमल्स की बरेली टीम के रेस्क्यू प्रभारी धीरज पाठक ने बताया कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली तो वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। यह गौवंश पालतू थे। गांव वालों ने ट्रैक के पास उगी घास चरने के लिए उन्हें छोड़ा था। हादसा होने के बाद कार्रवाई न हो, इसके लिए कोई भी यह मानने को तैयार नहीं कि वह गौवंश पालतू थे।

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