बदायूं में दो पूर्व चेयरमैनों के बीच सीधी टक्कर, फात्मा रजा को जनता पर भरोसा
फात्मा रजा को जनता पर भरोसा, पहले किए विकास कार्यों के बदले दोबारा सजेगा ताज
बदायूं, अमृत विचार। नाम वापसी के बाद नगर पालिका बदायूं में अध्यक्ष पद के 10 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। इनमें मुख्य मुकाबला सपा के पूर्व विधायक आबिद रजा की पत्नी व पूर्व चेयरमैन फात्मा रजा और दीपमाला गोयल के बीच होगा। फात्मा रजा अपने कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों और पिछले पांच सालों में हुई शहर की दुर्दशा को लेकर जनता के बीच जाएंगी।
सपा के पूर्व विधायक आबिद रजा का कहना है कि इस चुनाव में फात्मा रजा को जनता ने खड़ा किया है। उनका मन चुनाव लड़ने का नहीं था। मगर भाजपा का टिकट फाइनल होने के बाद उनके पास दूसरे समुदाय के लोगों के फोन आने लगे। उनसे लोगों ने सीधा सबाल किया कि आप क्यों नहीं लड़ रहे। आबिद रजा का कहना कि जनता की मांग पर नामांकन के आखिरी दिन और आखिरी समय में फात्मा रजा ने जाकर पर्चा दाखिल किया।
उनका कहना है कि शहर पिछले सालों में गंदगी से भरा रहा। फात्मा रजा के पिछले कार्यकाल को लोग अब भी याद करते हैं। आबिद रजा का कहना है कि उन्होंने हर इलाके में स्ट्रीट लाइटें लगवाई थीं, जो बिजली जाने पर जनरेटर से जलती थीं। पानी के लिए 12 ट्यूबवेल लगावे थे। ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर लगवाए थे। मगर सब गायब हो गए। बदायूं की जनता ने दिवाली कूड़े के ढेर पर मनाई। परशुराम और भगत सिंह चौराहा लोगों से चंदा लेकर बनवाए गए। आबिद रजा ने कहा कि फात्मा रजा को राष्ट्रीय लोकदल ने अपना समर्थन दिया है।
सपा समर्थित प्रत्याशी फात्मा रजा ने कहा कि जनता अपना निर्णय स्वयं लेती है। जनता ने मेरा काम देखा है। इसलिए मैं आश्वस्त हूं कि मुझे लोग दोबारा मौका देंगे। पिछली बार लोगों ने दीपमाला जी को मौका दिया था। उनका काम भी देख लिया। शहर वाले कितनी समस्याओं से जूझते रहे सब जानते हैं।
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