अयोध्या: अब परिक्षेत्र मुख्यालयों पर स्थापित होगा चालक ट्रेनिंग एवं काउंसलिंग केन्द्र

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या/अमृत विचार। रोडवेज महकमें में कार्यरत चालकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को विकेन्द्रित करने की योजना के तहत उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम मुख्यालय ने नई कार्ययोजना पर काम शुरू किया है। इसके तहत परविहन निगम के सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों पर ड्राइवर ट्रेनिंग एन्ड काउंसिलिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी।

क्षेत्रीय मुख्यालयों पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास कर हर हाल में 3 मई तक केंद्र शुरू करने के लिये परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संजय कुमार ने पत्र भेजा है। परिक्षेत्र में बाईपास स्थित अयोध्या धाम डिपो परिसर में केंद्र की स्थापना  को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रशिक्षण की केंद्रीय स्तर पर निगरानी और पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने का जिम्मा कानपर स्थित प्रशिक्षण संस्थान को सौंपा गया है।    

गौरतलब है कि कई दशक पूर्व निगमीकरण के बावजूद परिवहन निगम का ज्यादातर काम-काज अभी तक सरकारी जैसे ढर्रे पर चल रहा था। बाजार की मांग के मुताबिक खुद को ढालने और प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए परिवहन निगम में कार्य-व्यवहार में बदलाव की शुरुआत कर कार्पोरेटी कल्चर अपनाने की दिशा में प्रयास शुरू किया है। जिसके लिए परिवहन निगम में एक अभियान परिवर्तन की ओर चलाया जा रहा है।

अभियान के तहत सेवाओं और सुविधाओं को चाक-चौबंद करने का प्रयास है। दशकों बाद चाक-परिचालकों के लिए वर्दी और बैज लागू किया गया है। वर्तमान में रोडवेज के चालकों का प्रशिक्षण केवल परिवहन निगम के कानपुर स्थित प्रशिक्षण संस्थान में कराया जाता है। चालकों के कौशल तथा व्यवहार में सुधार लाने के लिए अब मुख्यालय ने प्रत्येक क्षेत्रीय मुख्यालय पर "ड्राईवर ट्रेनिंग एण्ड काउंसलिंग सेन्टर" की स्थापना का निर्णय लिया है और प्रबंध निदेशक ने क्षेत्रीय प्रबन्धक,सेवा प्रबन्धक और डिपो पर तैनात सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक को पत्र जारी कर इसके लिए जल्द से जल्द अवस्थापना सुविधाओं की बहाली का निर्देश दिया है। सेवा प्रबंधक नीरज सोनकर ने बताया कि नवनिर्मित अयोध्या धाम डिपो परिसर में केंद्र संचालन की व्यवस्था कराई जा रही है। तय समय के पूर्व ही केंद्र को शुरू कर दिया जायेगा।   

प्रशिक्षण कक्ष में प्रोजेक्टर और कूलर-ऐसी की करें व्यवस्था 
-परिक्षेत्र मुख्यालय पर स्थापित होने वाले ड्राईवर ट्रेनिंग एण्ड काउंसलिंग सेन्टर के लिए परिवहन निगम प्रबंधन ने 20 प्रशिक्षणार्थियों के बैठने के लिए उपयुक्त हॉल अथवा कमरे की व्यवस्था तथा प्रशिक्षण कक्ष की साफ-सफाई तथा कक्ष में कूलर, एसी लगवाने को कहा है। इसके साथ ही प्रशिक्षण के लिए कक्ष में एक प्रोजेक्टर की उपलब्धता और ट्रेनिंग सेन्टर में आने वाले प्रशिक्षणार्थियों के लिए पेयजल तथा शौचालय की उचित सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है। इसके साथ ही प्रबंध निदेशक ने क्षेत्रीय प्रबन्धक व सेवा प्रबन्धक को प्रशिक्षण के लिए आये चालकों का पूर्ण रिकार्ड मेन्टेन करने, प्रशिक्षण से पूर्व व पश्चात् चालक के डीजल औसत की समीक्षा कर यह देखने को कहा है कि प्रशिक्षण के बाद प्रतिफल में सुधार हुआ या नहीं। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले ट्रेनिंग सेन्टर को पुरष्कृत करने की बात कही गई है। 

ऐसे चालकों को किया जायेगा प्रशिक्षित और मोटिवेट 
योजना के तहत क्षेत्रीय मुख्यालयों पर स्थापित किये जाने वाले ड्राईवर ट्रेनिंग एण्ड काउंसलिंग सेन्टर में क्षेत्र के ऐसे चालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा जिनका डीजल औसत अच्छा न हो,चालक ने कोई दुर्घटना अथवा क्षति की हो अथवा चालक के संचालन में बस में अधिक खराबी आती हो। चालक के प्रशिक्षण के अलावा उनके मोटिवेशन के लिए प्रबंधन ने  चालकों को मोटीवेट करने के लिए किसी संस्थान जैसे पतंजली, ब्रहमकुमारी आदि तथा शिक्षाविद, मोटीवेशनल स्पीकर या फिर अन्य की सेवा हासिल करने के लिए प्रबंध करने को कहा है। साथ ही प्रबंधन ने प्रत्येक क्षेत्र दो सुपरवाईजरों,चालक प्रशिक्षक व प्रभारी चालक प्रशिक्षक को ट्रेनर नामित कर इनको प्रशिक्षण के लिए कानपुर स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान भेज प्रशिक्षित कराने को कहा है।

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