Kanpur: गर्मी से निजात पाने के लिए तालाब में उतरे छात्र, नहाने के दौरान डूबे, डॉक्टरों ने चारों को किया मृत घोषित

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Edited By Amrit Vichar
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नर्वल में तालाब में नहाने के दौरान चार छात्र डूबे।

कानपुर के नर्वल थानाक्षेत्र में गर्मी से निजात पाने के लिए तालाब में नहाने के लिए गए चार छात्र डूब गए। आनन-फानन में परिजन चारों को लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।

कानपुर, अमृत विचार। नर्वल थानाक्षेत्र अंतर्गत अमृत सरोबर में नहाने उतरे पांच छात्रों में से चार की गहरे पानी में जाने से डूब गए। इस दौरान एक छात्र के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से चारों को बाहर निकाला। नाजुक हालत में चारों को काशीराम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।  नरवल थाने के सामने हुई घटना से आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। हृदयविदारक घटना से गांव में सनसनी मच गई। 

नर्वल तहसील के सेमरझाल गांव का रहने वाला प्रेमनारायण सविता का 15 वर्षीय पुत्र अभय सविता व सरोज कुमार का 14 वर्षीय पुत्र सक्षम एसडी मेमोरिएल स्कूल में दसवीं का छात्र था। प्रदीप अवस्थी का 13 वर्षीय पुत्र दिव्यांश अवस्थी और उमेश चंद्र का 13 वर्षीय पुत्र कृष्णा बाल विद्या मंदिर में कक्षा सात का छात्र था। इन चारों के साथ पांचवा छात्र सक्षम का भाई 12 वर्षीय सत्यम था, जो सभी के साथ नहाने गया था।

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शनिवार को छुट्टी जल्दी हो जाने के कारण चारों नर्वल थाने के सामने बने अमृत सरोबर में पहुंचे, जहां मौजमस्ती करने के लिए एक-एक करके नहाने के लिए उतर गए। कुछ ही देरी में पांचों डूबने लगे। किसी तरह सत्यम बाहर निकल आया। लेकिन अन्य अभय, सक्षम, दिव्यांश, कृष्णा डूब गए। सक्षम के भाई सत्यम के शोर मचाने पर ग्रामीण भागे तो घटना की जानकारी हुई।

परिजन और ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन काशीराम अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई। सेमरझाल गांव में मातम का माहौल छाया गया। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ पुलिस के खिलाफ हंगामा काटा। हृदयविदारक घटना से हर तरफ केवल चीख पुकार मची गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड़ और जिलाधिकारी विशाख अय्यर अस्पताल पहुंचे और परिजनों ढांढस बंधाया। पुलिस ने चारों छात्रों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोप है कि तालाब में जब चाहे, कोई भी आ सकता है। किसी पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। अगर बच्चों के नहाने पर रोक होती है तो आज वो जिंदा होते। जबकि नर्वल थाने के सामने ही तालाब बना है। पुलिस ने कोई पाबंदी नहीं लगाई है।

 

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