Kannauj News : मिलेगा कूड़े से निजात, तीन साल से बंद प्लांट चालू, जगह न होने से सड़क किनारे किया जा रहा डंप

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कन्नौज में तीन साल से बंद प्लांट को चालू कर दिया गया।

कन्नौज में तीन साल से बंद प्लांट को चालू कर दिया गया। अब घर-घर कूड़ा उठाया जा रहा। वहीं, जगह न होने से कूड़ा सड़क किनारे डंप किया जा रहा।

कन्नौज, अमृत विचार। लंबे इंतजार के बाद शहर की जनता को कूड़े से निजात मिलने की संभावना प्रबल हो गई है। लगभग तीन साल से बंद पड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट चालू हो गया है। फिलहाल लेगेसी वेस्ट के निस्तारण में लगी कंपनी को तीन माह के लिए अनुबंधित किया गया है। कंपनी द्वारा पहले से पड़े कूड़े के अलावा सड़क किनारे व इधर-उधर डंप किए जा रहे कूड़े को भी निस्तारित किया जाएगा। 

यह जानकारी नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी नीलम चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि पालिका क्षेत्र में प्रति दिन 30-32 टन कूड़ा निकलता है जबकि प्लांट की क्षमता प्रति दिन 25 टन कूड़ा निस्तारण की है। प्लांट के चालू होने से प्लांट परिसर में डंप पड़े कूड़े के अलावा रोज निकलने वाले कूड़े का भी निस्तारण किया जाएगा। यह प्लांट वेस्ट कनवर्ट टु कंपोस्ट था यानी कूड़े से खाद बनाना।

इसे वर्ष 2013 में पीपीपी मॉडल पर तैयार कर नगर पालिका को हस्तांतरित किया गया था। इसे चलाने का काम तब एकॉर्ड हाइड्रो नामक कंपनी को दिया गया था। कंपनी ने इसे तीन साल तक चलाया और फिर 2015 के बाद काम की गति काफी धीमी हो गई। प्लांट को जिस क्षमता से चलना चाहिए था नहीं चला। इससे कूड़े के पहाड़ एकत्र होना शुरू हो गए। समस्या बढ़ी तो पालिका की तरफ से नोटिस पर नोटिस जारी हुए तो कंपनी ने वर्ष 2019 में कर्मचारियों को वेतन देना भी बंद कर दिया।

इसका नतीजा यह हुआ कि कर्मचारी भी प्लांट और ट्रांसफार्मर तक के पार्ट चोरी कर भाग गए। इसके बाद से प्लांट बंद पड़ा था। इसके बाद 2022 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत पावनी इन्फोटेक को लेगेसी वेस्ट के निस्तारण का ठेका दिया गया। कंपनी को 33 हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण करना था। इसमें से काफी काम हो चुका है। प्लांट परिसर के सामने का हिस्सा काफी हद तक साफ हो चुका है। 

कूड़े की समस्या को देखते हुए पावनी इन्फोटेक से ही प्लांट के संचालन को लेकर वार्ता की गई। इसके बाद ईओ की संस्तुति पर नगर पालिका प्रशासक व एसडीएम सदर पवन कुमार मीना ने कंपनी को तीन माह प्लांट संचालन का अनुबंध दिया है। ईओ ने बताया कि 11 अप्रैल से प्लांट को शुरू कर दिया गया है। यहां जून तक कूड़ा निस्तारण का काम किया जाएगा। इसके बाद काम के आधार पर अनुबंध को आगे बढ़ाया जाएगा।

पांच लाख से लगाना पड़ा नया ट्रांसफार्मर

ईओ नीलम चौधरी ने बताया कि प्लांट के बंद रहने के तीन साल के दौरान न सिर्फ प्लांट के जरूरी उपकरण चोरी चले गए बल्कि यहां लगा ट्रांसफार्मर भी बेकार हो गया। कारण यह कि इसके भी तमाम पार्ट चोरी हो गए जिससे बिजली की समस्या हो गई। जब पावनी इन्फोटेक ने यहां ट्रामल आदि मशीनें लाकर काम शुरू किया तो बिजली की समस्या आड़े आई। इस पर बिजली विभाग से पांच लाख कीमत के ट्रांसफार्मर को लगवाने का अनुबंध किया। 

सड़क किनारे कूड़े में अक्सर लग जाती है आग

सड़क किनारे डंप कूड़े में आए दिन धुआं उठता और आग लगी दिखाई देती है। कहते हैं कि पालिका कर्मचारी ही इसे जला देते हैं जबकि ईओ के अनुसार कूड़े में मीथेन गैस बनती है। यह ज्वलनशील होने से सूरज की किरणें पड़ने पर आग पकड़ लेती है और वातावरण में जहरीला धुआं फैलने लगता है। प्लांट शुरू होने से इस कूड़े को भी उठवा लिया जाएगा जिससे समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।

संबंधित समाचार