लखनऊ: यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहीं डग्गामार बसें
लखनऊ, अमृत विचार। आगरा एक्सप्रेस-वे पर चेंकिंग के दौरान जब बस रोकी गई तो प्रवर्तन दस्ते में तैनात अधिकारियों के होश उड़ गए। एक तरफ जहां 42 सीटर बस में 107 यात्री ठूंस-ठूंस कर बिठाए गए थे, वहीं इस बस की फिटनेस खत्म हो चुकी थी। प्रवर्तन दस्तों के लोगों ने आनन-फानन में बस से …
लखनऊ, अमृत विचार। आगरा एक्सप्रेस-वे पर चेंकिंग के दौरान जब बस रोकी गई तो प्रवर्तन दस्ते में तैनात अधिकारियों के होश उड़ गए। एक तरफ जहां 42 सीटर बस में 107 यात्री ठूंस-ठूंस कर बिठाए गए थे, वहीं इस बस की फिटनेस खत्म हो चुकी थी। प्रवर्तन दस्तों के लोगों ने आनन-फानन में बस से यात्रियों को नीचे उतार और उसके बाद चालक और परिचालक को जमकर फटकार लगाई। यात्रियों को रोडवेज की बस बुलवार कर उन्हे आगे रवाना किया गया।
गिनाने लगा मंत्रियों के नाम
आरटीओ का प्रवर्तन दस्ता आगरा एक्सप्रेस वे के पास चेंकिंग कर रहा था। परिमट नियमों को दर किनार करने वाले वाहनों की धर पकड़ जारी थी। तकरीबन एक बजे बिहार से दिल्ली जा रही बस संख्या यूपी 75 एटी 0077 को प्रवर्तन दस्ते ने रोका। पहले तो बस के चालक ने बस को भगाने की कोशिश की लेकिन प्रवर्तन दस्ते के अधिकारियों ने वाहनों से दौड़ा कर थोड़ी दूर पर बस पकड़ ली। बस रुकने के बाद ड्राइवर ने प्रवर्तन दस्ते के अधिकारियों को अर्दब में लेने की कोशिश की और कई मंत्रियों के नाम गिनाने के साथ ही कई लोगों को फोन मिलाना शुरू कर दिया। लेकिन अधिकारियों के सामने उसकी दाल नहीं गली।
दुर्घटनाओं का कारण हैं अनफिट बसें
विभागीय अधिकारियों ने जब ऑनलाइन वाहन की चेकिंग की तो पता चला कि इसका फिटनेस पिछले वर्ष अक्टूबर 2019 में ही खत्म हो चुका है। यह देखते ही तुरंत बस को बंद किए जाने के आदेश जारी किए गए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अनफिट वाहनों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ती है। इस बस में वायर भी कटे थे। हेड लाइट भी ठीक से नहीं जल रही थी। पैसेंजर्स से जब प्रवर्तन ने फीड बैक लिया तो पता चला कि लॉकडाउन के दौरान वह अपने घर लौट आए थे और अनलॉक शुरू होने के बाद अब वह फिर काम की तलाश में दिल्ली जा रहे हैं।
“इस बस की फिटनेस खत्म हो चुकी थी। बस को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा तकरीबन एक दर्जन बसों के चालान किए गए हैं।” -राघवेंद्र सिंह, एआरटीओ, लखनऊ
