UP Roadways: रोडवेज बसों में ऑनलाइन सीट बुकिंग के लिए अभी चार दिन करना होगा और इंतजार, यात्री कर रहें हैं यह मांग
लखनऊ/ अमृत विचार। राज्य सड़क परिवहन निगम मुख्यालय में डाटा हैक को लेकर चल रही रिकवर सुरक्षा की टेस्टिंग का कार्य तीन दिन तक चलेगा। रोडवेज बसों में आनलाइन सीटों की बुकिंग के लिए यात्रियों को अभी चार दिन और इंतजार करना होगा। लिहाजा ऑनलाइन बसों में सीटों की बुकिंग 5 मई से शुरू हो सकती हैं। ऐसे में एसी बसों में एडवांस सीट बुकिंग करा चुके यात्री टिकट निरस्त कराने की मांग कर रहे हैं ।
प्रदेश भर में ऐसे यात्रियों की संख्या करीब 60 हजार बताई जा रही है। उधर परिवहन निगम के ईटिकटिंग सिस्टम पर साइबर अटैक का अभी तक पुलिस को भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक आईटी यजुवेन्द्र सिंह के मुताबिक परिवहन निगम के टोल फ्री नंबर 18001802877 पर छह दिनों में 1500 शिकायतें की गई हैं।
परिवहन निगम का डाटा हैक होने से यात्रियों की मुसीबत बढ़ गई है। एडवांस सीट बुकिंग करा चुके यात्री टिकट निरस्त कराने के लिए परेशान हैं। बीते छह दिनों से वेबसाइट नहीं खुल रही है। इस बाबत यात्रियों ने टिकट निरस्त करने के लिए वेबसाइट खोलने की मांग कर रहे हैं।
बीते 25 अप्रैल की रात रोडवेज का डाटा हैक होने के बाद यूपीएसआरटीसी की वेबसाइट खुलना बंद हो गया। ऐसे में वेबसाइट के जरिए एडवांस में सीट बुक कराने वाले यात्रियों को बसों की स्थिति की जानकारी नहीं हो रही है। इनमें डेढ़ हजार यात्रियों ने एडवांस में बुक सीट को निरस्त कराने के लिए शिकायत दर्ज कराई है।
E-Ticketing सिस्टम पर साइबर अटैक का अभी तक कोई सुराग नहीं
प्रमुख सचिव परिवहन एल. वेंकटेश्वर लू ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। विभाग विशेषज्ञों की मदद से पूरी सुरक्षा जांच के बाद आनलाइन सेवाएं फिर से बहाल करने में लगा है। इस मामले में यूपीएसआरटीसी के एमडी संजय कुमार को हटा दिया गया था और वेंकटेश्वर लू खुद ही एमडी का भी प्रभार संभाल रहे हैं।
हैक मामले में अभी तक हैकरों की पहचान नहीं हो पाई है। केंद्र सरकार की एक एजेंसी अलग से इस मामले में जांच कर रही है। हैकरों ने टिकटिंग सर्वर पर अटैक कर सारा डाटा 'इनक्रिप्ट कर दिया था और डाटा को 'डिस्क्रिप्ट करने के लिए बिटकाइन के माध्यम से धन की मांग भी की थी। इस कारण बसों की टिकटिंग व्यवस्था पूरी तरह मैनुअल चल रही है।
बीती 25 अप्रैल की इस घटना के बाद यूपीएसआरटीसी के प्रधान प्रबंधक (आईटी) यदुवेन्द्र कुमार की तरफ से लखनऊ के साइबर क्राइम थाने में अज्ञात हैकरों के विरुद्ध आईपीसी की धारा-384 व 186 तथा आईटी (संशोधन) एक्ट-2008 की तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इससे पहले ई-टिकटिंग की सेवा प्रदाता कंपनी मेसर्स ओरियन प्रो की तरफ नवी मुंबई (महाराष्ट्र)में एफआईआर कराई गई थी। इस तरह मामले की जांच नवी मुंबई में भी चल रही है।
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